बागपत। दलित किशोरी से रेप करने के आरोपी में जेल में बंद प्रधान खुद को बेकसूर साबित करने के प्रयास में लगा है। इसके लिए आरोपी प्रधान ने कोर्ट में डीएनए टेस्ट के लिए अर्जी लगाई। इस मामले में सीजेएम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई है।
चांदीनगर क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान उसे बहाने से मकान में ले गया। वहां आरोपी प्रधान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके दबाव में आरोपी उसकी आबरू लूटता रहा था। इससे वह गर्भवती हो गई थी। तीन सप्ताह पूर्व उसने बेटे को जन्म दिया था।
उधर, चांदीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी हुई थी, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। आरोपी प्रधान ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जेल जाते समय भी आरोपी प्रधान ने कहा था कि उसने किशोरी से रेप नहीं किया है। उस पर साजिश के तहत आरोप लगाया है। आरोपी प्रधान खुद को बेकसूर साबित करने के प्रयास में लगा है। इसके लिए उसने कोर्ट में अर्जी लगाई है। अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया आरोपी प्रधान डीएनए टेस्ट कराना चाहते हैं। इसकी अनुमति के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि नियत कर दी।