बागपत। निजीकरण के विरोध में विद्युत अधिकारियों और कर्मियों ने बुधवार को धरना दिया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
उन्होंने इलेक्ट्रिसिटी बिल-2020 एवं विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण के लिए जारी किए गए स्टैंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट वापस लेने, ग्रेटर नोएडा विद्युत वितरण खंड का निजीकरण व आगरा शहर का फ्रेंचाइजीकरण निरस्त करने, केंद्र शासित प्रदेशों व अन्य स्थानों पर चल रही निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने, सभी बिजली कंपनियों का एकीकरण कर यूपीएसईबी का गठन करने, बिजली कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने, नियमित पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग की। इसके अलावा विद्युत निगम में रिक्त पड़े तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया करने, वेतन विसंगति को दूर करने, कर्मचारी, जेई व अभियंता से आपात स्थिति के अलावा कार्य दिवस के अतिरिक्त अन्य कार्य न कराने की मांग की। एसई रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता अमर सिंह, अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह, राणा प्रताप, शशि भूषण गुप्ता, गुलशन कुमार, राकेश ढाका, सुरजीत कुमार, मोदी राम, रामफूल, रविंद्र कुमार, बृजेश कुमार, अभिषेक चाहल, मनोज कुमार मौजूद रहे।
आश्वासन मिलने पर हड़ताल समाप्त
बड़ौत। तीन दिनों से निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के बैनर तले कान्हड, दोघट, बड़ौत, बामनौली, बिजरौल, जौनमाना, लुहारी, किरठल, मलकपुर, निरपुडा, छपरौली, रमाला, टांडा, तुगाना आदि बिजलीघरों पर तैनात संविदा कर्मी हड़ताल पर थे। बिना सूचना दिए संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने, लिखित में वेतन व ईपीएफ की जानकारी न देने सहित अन्य मांगों के पूरा न होने पर यह हड़ताल चल रही थी। इससे क्षेत्र में विद्युत संकट छा गया था। बुधवार को एक्सईएन प्रथम गोपाल सिंह ने कंपनी के अफसरों से बातचीत कर हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग कंपनी ने मान ली है। इसके बाद संविदा कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी। सचिव धर्मेंद्र ने बताया कि मांग माने जाने के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है।