नगर में चेकिंग के दौरान अवैध वसूली करने वाले प्राइवेट लाइनमैन को हटाए जाने को लेकर विद्युत निगम के अफसरों व ठेकेदार के बीच ठन गई है। ठेकेदार ने लाइनमैन से अपने टेंडर के अंतर्गत काम कराने के लिए मना कर दिया, वहीं विभागीय अफसर लाइनमैन को पहले की तरह काम कराना चाह रहा है। अब यह मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष पहुंच गया है।
राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने और बिजली चोरों पर अंकुश लगाने के लिए विद्युत निगम के अफसरों ने नगर में चेकिंग अभियान चला रखा है। इसमें सरकारी लाइनमैनों के साथ-साथ प्राइवेट लाइनमैनों को भी लगा रखा है। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से एक प्राइवेट लाइनमैन उपभोक्ताओं से चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है।
विरोध करने पर झूठी एफआईआर दर्ज कराने के धमकी देता था। उपभोक्ताओं ने निगम के अफसरों से शिकायत की तो अफसरों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उक्त लाइनमैन ठेकेदार के टेंडर पर काम करता है, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। इसके उपरांत उपभोक्ताओं ने ठेकेदार पवन से शिकायत की तो ठेकेदार ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषी मिलने पर उससे काम कराने से मना कर दिया।
लेकिन, अब पूरे प्रकरण में उस समय नया मोड़ आ गया, जब निगम के अधिकारी उक्त लाइनमैन से काम करने की जिद पर अड़ गए, जबकि ठेकेदार ने काम कराने से मना कर दिया। फिलहाल पूरा मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष पहुंच गया है।
जब इस संबंध मेें ठेकेदार पवन से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि लाइनमैन अमित की लगातार अवैध वसूली की शिकायत मिल रही थी, जांच में भी दोषी मिला है। उसे हटा दिए गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय अफसरों को लिखकर दे दिया है कि वह उक्त लाइनमैन से काम नहीं कराएंगे।
इस संबंध एसडीओ राहुल गौतम व जेई इंद्रपाल से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि उक्त लाइनमैन उनके निर्देश पर चेकिंग अभियान में काम कर रहा है। विभाग हमें चलाना है।
जिला कंट्रैक्टर एसोसिएशन बागपत के जिलाध्यक्ष डा. अनिल डबास का कहना था कि किसी भी कीमत पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली बर्दास्त नहीं होगी। यदि उक्त लाइनमैन दोबारा से चेकिंग अभियान में पाया गया तो उसके खिलाफ एसोसिएशन की ओर से एफआईआर दर्ज करायी जाएगी। साथ ही अधिकारियों से भी उसकी शिकायत की जाएगी।