बड़ौत। टीकाकरण के प्रति लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद ग्रामीण भ्रांतियों से बाहर नहीं निकल पा रहे। ऐसा ही हाल असारा गांव का है। गांव की आबादी 25000 है, लेकिन अभी तक मात्र 1790 ग्रामीणों ने ही टीके लगवाएं है। इससे स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें है। अभी भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से प्रत्येक ग्रामीण को टीकाकरण कराने में जुटा हुआ है।
सीएचसी छपरौली की ओर से गांव में अब तक तीन कैंप लगवा चुके है, लेकिन इसके बावजूद भी ग्रामीण टीकाकरण के लिए आगे नहीं आ रहे है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजकमल समेत आंगनबाड़ी, आशाएं व एएनएम पहले से ही ग्रामीणों को टीका लगाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी लोग टीकाकरण को लेकर भ्रम पाले हुए है। ग्राम प्रधान नदीम अहमद का कहना है कि अभी कुछ लोगों में टीका लगवाने को लेकर भ्रम की स्थिति है, लेकिन धीरे-धीरे लोग जागरूक हो रहे।
गांव में 18 वर्ष से अधिक आयु के 17000 महिला-पुरुष
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 वर्ष और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण करा रहा है। गांव असारा में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के करीब 17 हजार महिला व पुरुष है। इनमें करीब पांच हजार युवा है।
लोगों में भ्रम के कारण टीकाकरण में दिक्कतें आ रही है। इसके बावजूद हमारी टीम हार नहीं मान रही है। अब रोजाना 100 से अधिक लोगों को टीका लगवाने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. राजकमल, सीएचसी अधीक्षक, छपरौली।