पहलगाम में पूनम के पैर पर फटा था बम की खबर से संबंधित फोटो। पूनम
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बागपत। जम्मू कश्मीर केे पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले ने अग्रवाल मंडी टटीरी के कारोबारी मुकुल मित्तल और उनकी बहन पूनम के 24 साल पुराने जख्म हरे कर दिए। वर्ष 2001 में अमरनाथ यात्रा के दौरान पूनम ने आतंकी हमले में पति, बेटे व बेटी को खोया था। खुद पूनम की जिंदगी 21 ऑपरेशन के बाद बची थी। वह कहती हैं कि उस दर्द को कभी नहीं भूल सकती।
अग्रवाल मंडी टटीरी के रहने वाले कारोबारी मुकुल मित्तल की बहन पूनम अपने पति नरेश चंद गोयल निवासी मेरठ, बेटी प्रेरणा, नेहा और बेटे किट्टू के साथ वर्ष 2001 में अमरनाथ यात्रा पर गई थी। अमरनाथ यात्रा करके वापस लौटते समय पहलगाम पहुंचे तो वहां पर आतंकी हमला हो गया। मुकुल मित्तल ने बताया कि आतंकियों ने उनके बहनोई नरेश चंद गोयल, भांजी प्रेरणा और भांजे किट्टू की हत्या कर दी।
इस दौरान दूसरी भांजी नेहा के पैर में एक गोली लगी, जो आरपार हो गई। इसके अलावा उनकी बहन पूनम के पैर पर बम गिरा जो, गिरते ही फट गया। आतंकी हमले में घायल पूनम का उपचार कराया तो 21 ऑपरेशन कराने के बाद उनकी जान बची। पूनम अब अपने परिवार के साथ मेरठ में रहती हैं।