बागपत। भाजपा के साथ गठबंधन से रालोद भले ही सरकार में शामिल हो गया, मगर सियासी दरबार में रालोद को खूब दरकिनार किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण डूडा के शासन को भेजे गए प्रस्तावों में दिखा। भाजपा विधायकों केपी मलिक व योगेश धामा के विकास कार्यों के 88 प्रस्ताव मंजूर करके शासन को भेज दिए गए और रालोद विधायक डॉ. अजय कुमार का एक भी प्रस्ताव नहीं गया।
बागपत से भाजपा विधायक योगेश धामा के सबसे अधिक 61 प्रस्ताव हैं। उन्होंने बागपत व खेकड़ा नगर पालिका, अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय व रटौल नगर पंचायतों के लिए प्रस्ताव दिए हैं। यह सभी सीसी रोड निर्माण के प्रस्ताव हैं। बड़ौत से भाजपा विधायक केपी मलिक ने बड़ौत नगर पालिका के लिए 27 प्रस्ताव सीसी रोड निर्माण के दिए हैं।
वहीं छपरौली से रालोद विधायक डॉ. अजय कुमार के विधानसभा क्षेत्र में छपरौली, दोघट व टीकरी नगर पंचायत आने के बावजूद एक भी प्रस्ताव मंजूर नहीं किया गया। रालोद विधायक प्रस्ताव देने का दावा कर रहे हैं और अधिकारी जितने भी प्रस्ताव आए हैं, उन सभी को मंजूर करके शासन को भेजने की बात कह रहे हैं।
इस तरह होती है प्रक्रिया
डूडा (जिला शहरी विकास अभिकरण) सभी जनप्रतिनिधियों से उनके विधानसभा क्षेत्रों में पड़ने वाले नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्रों में सीसी रोड बनवाने के लिए प्रस्ताव लेता है। उन प्रस्तावों को कलक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक में मंजूर करके शासन को भेजा जाता है। उनको शासन से मंजूरी मिलने के बाद कार्य कराने के लिए बजट जारी होता है। बागपत में पिछले सप्ताह बैठक करके प्रस्ताव मंजूर किए गए, जो अब शासन को भेजे गए। संवाद
डूडा वाले मुझसे प्रस्ताव लेकर गए थे। वह प्रस्ताव मंजूर करके शासन को क्यों नहीं भेजे गए, इस बारे में पता किया जाएगा। मेरे प्रस्ताव भी शासन को भेजने चाहिए थे।
-डॉ. अजय कुमार, रालोद विधायक
हमारे पास जितने भी प्रस्ताव आए थे, वे सभी मंजूर करके शासन को भेज दिए गए। इसके लिए बैठक की गई थी और उसमें प्रस्तावों को रखने के बाद मंजूरी देकर भेजा गया है।
-सुरभि शर्मा, कार्यवाहक परियोजना अधिकारी एवं एसडीएम खेकड़ा