बागपत। रालोद अध्यक्ष व केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह को राज्यसभा की निधि के पांच करोड़ रुपये फिर मिल गए हैं। उनके खाते में निधि के 14 करोड़ रुपये पड़े हैं और वह खर्च करने में कंजूसी दिखा रहे हैं। इस निधि से वह काफी खेल सुविधाएं बेहतर करा सकते हैं।
रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने वर्ष 2022 में राज्यसभा सदस्य बनने पर सांसद निधि के लिए बागपत को अपना नोडल जिला बनाया था। तब से अभी तक पांच बार में उनकी निधि के 21.5 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
जयंत ने अपनी पूरी निधि खेल सुविधाओं पर खर्च करने की घोषणा की, मगर अभी तक वह अपनी निधि से आठ प्रोजेक्ट ही पूरे करा सके। इन प्रोजेक्ट पर साढ़े सात करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उनके खाते में निधि के 14 करोड़ रुपये बचे पड़े हैं, जो खर्च नहीं किए जा रहे।
इन जगहों पर खर्च हो चुका बजट
खेकड़ा के गांधी इंटर कॉलेज के मैदान में मिनी स्टेडियम और छपरौली के विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सिंथेटिक ट्रैक को बनवाया गया। मुजफ्फरनगर के साहटू में स्टेडियम निर्माण, मुजफ्फरनगर के राष्ट्रीय इंटर कालेज शाहपुर में कुश्ती हॉल का निर्माण हुआ। मथुरा के बाबू अग्रवाल महाविद्यालय में हैंडबॉल और टेनिस कोर्ट, बिजनौर के नहटौर में चौधरी चरण सिंह मैमोरियल वालीबॉल ग्राउंड बनवाया गया। शामली के चौधरी रतन पोडिया स्टेडियम में टिन शेड निर्माण, गाजियाबाद के पतला में कुश्ती व कबड्डी के खेल उपकरण के लिए बजट दिया गया।
जयंत की वेबसाइट भी ठप हो गई
चौधरी जयंत सिंह ने अपनी निधि की जानकारी देने के लिए वेबसाइट शुरू कराई। उसपर डाटा ऑनलाइन कराया गया। उसमें पूरे हो चुके कार्यों की जानकारी सभी देख सकते हैं मगर जिन 14 कार्यों का प्रस्ताव देने और तीन का कार्य चलने की बात कही गई है। उनको आम लोग नहीं देख सकते हैं। इस वेबसाइट पर पांच महीने से कोई नया ब्योरा दर्ज नहीं किया गया है।
चौधरी जयंत सिंह अपनी पूरी निधि खेल व खिलाड़ियों के लिए खर्च कर रहे हैं। वह लगातार प्रस्ताव दे रहे हैं, इसलिए ही खेल सुविधाएं बेहतर हो रही हैं। निधि कोई नहीं बची है, पूरी खर्च हो रही है।
-डॉ. सुभाष गुर्जर, जिलाध्यक्ष रालोद