बागपत। सांसद की तरह विधायक की अध्यक्षता में समिति बनाकर विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी। वरिष्ठ विधायक की अध्यक्षता में यह जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति गठित होगी। इसमें सीडीओ सचिव तथा सभी जिला पंचायत सदस्य व पांच प्रधान सदस्य होंगे। यह समिति योजनाओं के गलत लाभार्थियों के चयन के मामलों की जांच भी कर सकेगी।
सांसद की अध्यक्षता में जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति होती है। अब शासन में विशेष सचिव ग्राम्य विकास रजनीश चंद्र ने बागपत समेत सभी सीडीओ को पत्र भेजकर जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति गठन कराने का निर्देश दिया है। इस समिति के विधायक अध्यक्ष होंगे और इसकी बैठक प्रत्येक तीन माह में होगी। यह समिति सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, कार्यक्रमों के संचालन में आने वाली बाधा को दूर कराने और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को निपटाने का प्रयास करेगी।
स्वयं जांच कर सकेगी समिति
यह समिति लाभार्थियों के गलत चयन, निधि के दुरुपयोग, अनियमितताओं की जांच कर कार्रवाई की सिफारिश कर सकेगी। किसी भी मामले को डीएम, सीडीओ, डीडीओ तथा परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग को भेज सकती है और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का सुझाव दे सकती है। इसके बाद 30 दिन के अंदर कार्रवाई होगी।
ये होंगे समिति के सदस्य
जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति में सभी विधानसभा सदस्य, विधान परिषद सदस्य, राज्य सरकार का एक प्रतिनिधि संयुक्त विकास आयुक्त, डीएम से नामित प्रतिनिधि, सभी ब्लॉक प्रमुख व बीडीओ, विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि में कार्य करने वाली कार्यदायी संस्थाओंं के जिला स्तरीय अभियंता, ग्राम्य विकास विभाग के सभी जिला स्तरीय अधिकारी, सभी जिला पंचायत सदस्य, दो महिलाओं समेत पांच प्रधान, अध्यक्ष से मनोनीत गैर सरकारी संगठन का एक सदस्य, अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग से एक प्रतिनिधि सदस्य होंगे। वहीं अधिकारी असमंजस में पड़ गए हैं कि किस विधायक को वरिष्ठ मानकर समिति का अध्यक्ष बनाया जाए।
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