रटौल। नगर पंचायत में जुनैद फरीदी ने सोमवार को दोबारा से चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल ली। उनको हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने सात अगस्त को निरस्त कर दिए थे, इसलिए वह सोमवार को समर्थकों के साथ नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और चेयरमैन की कुर्सी पर बैठ गए। वहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।
रटौल नगर पंचायत के चेयरमैन पद के मई 2023 में हुए चुनाव में निर्दलीय जुनैद फरीदी ने 540 वोटों से जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा प्रत्याशी हाजी मुंतजिर दूसरे स्थान पर रहे थे। हाजी मुंतजिर ने चुनाव के बाद न्यायालय में याचिका दायर कराते हुए कहा था कि जुनैद फरीदी के नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए शपथपत्र में आपराधिक इतिहास, करोड़ों रुपये की संपत्ति का विवरण, बैंकों से लिए गए कर्ज की जानकारी छिपाई गई है।
इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश पवन कुमार राय ने सात मार्च 2026 को जुनैद फरीदी के नामांकन पत्र और शपथ पत्र को शून्य घोषित करने का आदेश दिया था। इसके आधार पर डीएम अस्मिता लाल ने 14 मार्च को दूसरे स्थान पर रहे हाजी मुंतजिर को चेयरमैन बनाने के आदेश दिए और 16 मार्च को एसडीएम खेकड़ा ने उनको शपथ दिलाई।
इन सभी आदेशों के खिलाफ जुनैद फरीदी हाईकोर्ट में गए। हाईकोर्ट ने सात अगस्त को पुराने सभी आदेश निरस्त कर दिए। इसके साथ ही शपथ ग्रहण की कार्रवाई को अवैध बता दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश को लेकर जुनैद फरीदी सोमवार को अपने समर्थकों के साथ नगर पंचायत कार्यालय गए। वहां उन्होंने चेयरमैन की कुर्सी पर बैठकर दोबारा से जिम्मेदारी संभाली। जुनैद फरीदी ने कहा कि वह पहले भी कस्बे के विकास के लिए ईमानदारी से कार्य करते रहे और आगे भी इस तरह कार्य करेंगे।
एसडीएम व ईओ नहीं पहुंचीं
जुनैद फरीदी जब नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे तो वहां एसडीएम खेकड़ा सुरभि शर्मा व ईओ रटौल आस्था पाठक नहीं पहुंचीं। उनके नहीं पहुंचने पर जुनैद फरीदी अपने समर्थकों के साथ ढोल नगाड़े बजवाते हुए खुद ही नगर पंचायत कार्यालय में पहुंच गए और चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल ली। वहीं इस पूरे मामले में अफसर बीच में फंस गए हैं। जुनैद फरीदी हाईकोर्ट से आदेश लेकर आ गए हैं और मुंतजिर भाजपा समर्थित होने के कारण जन प्रतिनिधि उनके साथ लगे हैं।