बागपत। पंचायत चुनाव में खून खराबा रोकने के लिए पुलिस ने दस गांवों को अति संवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया है। क्योंकि इन गांवों में पंचायत चुनाव के दौरान हत्या समेत अन्य घटनाएं हो चुकी है। इन गांवों के लिए पुलिस ने विशेष योजना बनानी शुरू कर दी और पुलिस ने इनपर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी।
पंचायत चुनाव का आयोग ने भले ही बिगुल नहीं बजाया हो, मगर दावेदारों ने गांवों में अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। वह अपने करीबियों के साथ चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा और व्यवस्था भी करते नजर आ रहे हैं। इसमें जिला पंचायत सदस्य पदों से लेकर प्रधान पद के दावेदार भी सामने आने लगे है तो उनके विपक्षी भी ताल ठोंकने लगे है। इसके साथ ही चुनाव से पहले अपराधी भी दबदबा कायम करने में लग गए हैं। बुधवार को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने के लिए ही प्रधान धर्मेंद्र तोमर की हत्या कर दी गई। इसके बाद पुलिस भी पंचायत चुनाव को लेकर हरकत में आ गई। पुलिस ने पंचायत चुनाव को लेकर हुई घटनाओं का रिकाॅर्ड खंगालकर अति संवेदनशील दस गांवों की सूची तैयार की, जिनमें किरठल, बासौली, कुर्डी, बिजरौल, गांगनौली, धनौरा सिल्वरनगर, सिरसली, निवाड़ा, ढिकौली, साकरौद गांव को शामिल किया गया है।