ईडी ने नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया है।
बागपत। हमीदाबाद गांव में फल विक्रेता नसीम को बिटौड़े में जलाने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है। उन पर नसीम की हत्या का आरोप है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। उधर, आरोपियों की हिमायत में पहुंचे परिजनों ने कहा कि युवकों को केस में झूठा फंसाया जा रहा है।
हमीदाबाद उर्फ नयागांव में सोमवार की रात एक युवक की हत्या कर शव बिटौड़े में जला दिया गया था। पता चलने पर लोगों ने आग बुझाई थी और जले हुए शव को बिटौड़े से निकाला था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था। मंगलवार रात शव की शनाख्त लोनी के प्रेमनगर निवासी नूरहसन ने अपने बेटे नसीम के रूप में की थी। नूरहसन ने बताया कि उसके बेटे फल विक्रेता नसीम को उसके दोस्त जावेद और आरिफ सोमवार शाम करीब तीन बजे घर से बाइक पर लेकर गए थे।
मंगलवार को जावेद ने उनके पास फोन करके बताया कि टटीरी के पास उन तीनों को ग्रामीणों ने घेर लिया था। नसीम को लोगों ने पकड़कर मार दिया और शव को बिटौड़े में जला दिया है। नूरहसन का आरोप है कि उसके बेटे नसीम का एक सप्ताह पहले आरिफ के साथ झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में आरोपी आरिफ और जावेद ने नसीम की हत्या की है। पुलिस ने आरोपी युवकों को पकड़ लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। सूत्रों की माने तो आरोपियों ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है।
जल्द ही केस का खुलासा हो सकता है। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उधर, लोनी की महिला खेरूनिशा ने बताया कि उसके देवर आरिफ और जावेद को पुलिस ने पकड़ रखा है। उनका नसीम की हत्या से कोई लेनादेना नहीं है। मृतक नसीम, नशीले पदार्थ का सेवन करता था। इसके लिए गलत काम करता रहता था। इसी के चलते लोगों ने उसको पीट-पीटकर मार डाला और बिटौड़े में जला दिया है। उसने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।