दाहा। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर दोघट पुलिस ने रविवार सुबह पुसार गांव के पास से 28 पशुओं (कटड़े) से भरा कैंटर पकड़ लिया। उनको कैंटर में ठूंसकर भरा हुआ था, जिनको पुलिस वहां आसपास की जगह काफी दूर अहैड़ा में लेकर पहुंची। जहां शाम तक करीब 21 पशुओं की मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मामले में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोघट पुलिस को सूचना दी कि बड़ौत की तरफ से कैंटर में पशुओं को भरकर लाया जा रहा है। इस सूचना पर दोघट थाना पुलिस ने पुसार गांव के पास कैंटर को पकड़ लिया। कैंटर चला रहे आदिल व शानू निवासी मेवात जिला हापुड़ को पुलिस ने पकड़ लिया और कैंटर को कब्जे में लिया। कैंटर में 28 पशुओं को ठूंसकर भरा हुआ था। गर्मी में उनकी हालत खराब हो रही थी। इसके बाद भी पुलिस ने उनको तुरंत बाहर नहीं निकाला और उनको थाने पर कई घंटे खड़े रखने के बाद करीब 35 किमी दूर अहैड़ा गांव में निजी व्यक्ति के यहां लेकर पहुंचे। वहां उन पशुओं को उतारा गया तो शाम तक उनमें से 21 की मौत हो गई। जबकि अन्य की हालत भी खराब बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं मामले में एसपी सूरज कुमार राय ने सीओ बड़ौत को जांच सौंपी है कि आखिर इतने पशुओं की मौत किस कारण से हुई है।
खेत का पानी रोकने पर हमला किया
बालैनी। डौलचा गांव निवासी सत्यवीर उर्फ बबलू ने बताया कि वह 13 जून को अपने निर्धारित समय पर खेत में पानी चलाने गया। वहां पर प्रमोद उर्फ कल्लू, उसकी पत्नी कविता अपने हाथों में भाला और लाठी-डंडे लेकर आ गए। आरोप लगाया कि प्रमोद ने उसके खेत का पानी रोककर अपने खेत की सिंचाई शुरू कर दी। इस दौरान विरोध करने पर भाला और लाठी डंडों से हमला कर उसे घायल कर दिया। बालैनी पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर हमलावर प्रमोद उर्फ कल्लू, रोहित, कविता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।