बड़ौत क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 87 लाख की लागत से कागजों पर पूरी दिखी सड़क, लेकिन जमीन पर एक भी ईंट नहीं लगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
बड़ौत-छपरौली रोड से बोहला मार्ग वाया मलकपुर तक 5.15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य कागजों में पूरा दिखाया गया है। शनिवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी।
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ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर एक भी ईंट नहीं लगाई गई। इस सड़क के निर्माण के लिए 87.60 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। इसके अलावा 5 वर्षों के लिए 44.31 लाख रुपए अनुरक्षण के लिए भी मंजूर किए गए थे।
निर्माण कार्य 4 फरवरी 2025 से 3 अगस्त 2025 तक पूरा होना था। ग्रामीणों का आरोप है कि जब यह मुद्दा उठा तो बोर्ड से तारीखें और अनुरक्षण की जानकारी हटा दी गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
प्रदर्शन करने वालों में अश्वनी मास्टर, जिला पंचायत सदस्य प्रवेन्द्र तोमर, रोहित तोमर, गौरव तोमर, रामबीर आर्य, प्रहलाद पहलवान, वेदपाल तोमर और जगदीश तोमर समेत कई ग्रामीण शामिल हैं।