मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने किया गोशाला का निरीक्षण, रिपोर्ट सीडीओ को दी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। धनोरा सिल्वनगर की गोशाला में ग्राम प्रधान और सचिव ने पशुओं को कीचड़ से बचाने के लिए ईंट भट्ठे से मिट्टी मंगाकर डलवाई। आसपास के गांव के जिन लोगों ने जबरन पशु गोशाला में छोड़ दिए थे, उन्हें नोटिस जारी किया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ खुशीराम ने निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने हालात से अवगत कराया। धनोरा के ग्रामीणों का कहना है कि व्यवस्था ठीक होनी चाहिए।
अमर उजाला में बुधवार को गोशाला में गोवंशीय पशुओं की दुर्दशा का समाचार प्रकाशित हुआ। सीवीओ डॉ खुशीराम के नेतृत्व में पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गौशाला का निरीक्षण किया। पशु चिकित्साधिकारी से जानकारी ली। अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। सीवीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थिति में सुधार किया जाएगा। बताया कि सरकारी अस्पताल की दीवार टूटी मिली है। यह गोशाला की जमीन में दबा दी गई, अब सरकारी पशु चिकित्सालय पर तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी दूसरी जगह बैठ कर विभागीय कार्य करने को मजबूर हैं। गौशाला में टीनशेड की कमी मिली। इस कारण हल्की सी बरसात में गौशाला के अंदर कीचड़ की हालत उत्पन्न हो जाती है और इसमें फंसकर व बीमार होकर पशुओं की मौत हो रही है। रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
उधर, ग्राम सचिव जोनी चौधरी का कहना है कि ईंट भट्टे से मिट्टी डलवाई गई है। इससे कीचड़ खत्म हो गया है। गोशाला में 70 पशुओं का प्रावधान था, लेकिन आसपास के गांवों ने जबरन यहां पर पशु भर दिए। ऐसे लोगों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया है। नौ लोगों को नोटिस दिया गया है। सुधीर, सहंसर पाल, बिजेंद्र, मनोज अशोक, धर्मवीर, संजीव मौजूद रहे।