समाजसेवी लोगों ने कहा कि पटाखों पर प्रतिबंध था जरूरी
बागपत। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने कहा कि पटाखों पर प्रतिबंध जरूरी था। एनजीटी और शासन का फैसला सही है। पर्यावरण बचाने के लिए इसी तरह की पहल जरूरी है। लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। पौधरोपण के लिए प्रेरित करेंगे।
नगर के मुन्ना लाल एंकलेव के समाजसेवी राधेश्याम शर्मा का कहना है कि दीवाली पर पटाखे जलाने से प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से पटाखे न जलाने की अपील की है।
मास्टर कालोनी के रघुबीर सिंह चौहान का कहना है कि बढ़ते हुए प्रदूषण में लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। दीवानी पर पटाखे जलाने से प्रदूषण का स्तर और खराब हो जाएगा। उन्होंनेे लोगों ने पटाखे न जलाने की अपील की है।
सिसाना गांव के समाजसेवी सतेंद्र जैन का कहना है कि प्रदूषण के कारण वातावरण का स्तर गिर रहा है। उन्होंने दीवाली के त्योहार पर वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए पटाखे जलाने के बजाए पौधरोपण करने की अपील की है।
कोर्ट रोड के समाजसेवी डॉ ओमपाल सिंह का कहना है कि पटाखों के कारण दीवाली पर प्रदूषण बढ़ जाता है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। प्रदूषण रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पटाखे न जलाने के लिए जागरूक होना होगा।