बड़ौत (बागपत)। कोरोना वायरस के कारण धार्मिक स्थलों पर भी ताला लगा है। मरकजी मस्जिद फूंसवाली के इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने बताया इस्लाम में शब ए बरात की रात का बहुत महत्व है। इस रात में लोग न सिर्फ अपने गुनाहों से तौबा करते हैं, बल्कि अपने उन बुजुर्गों की मग़फिरत के लिए भी दुआ मांगते हैं, जिनका इंतकाल हो चुका है। यही वजह है कि लोग इस मौके पर कब्रिस्तान में भी जाते हैं।
उन्होंने बताया शब ए बरात की रात को की जाने वाली हर जायज दुआ को अल्लाह जरूर कबूल करते हैं। शब ए बरात की पूरी रात लोगों पर अल्लाह की रहमतें बरसती हैं। अकीदतमंद पूरी रात इबादत में लगे रहे। कोरोना वाइरस और लॉकडाउन होने के कारण मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने घर पर ही कुरान की तिलावत की और पुरखों की मगफिरत और अपने गुनाहों की माफी की दुआ मांगी।