बड़ौत। बदरखा गांव के जंगल में हरियाणा सिंचाई विभाग के कर्मचारियों पर यमुना किनारे ठोकर बनाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे यमुना का बहाव गांव की ओर हो गया है। खेतों में खड़ी फसल डूबने और जमीन के कटान का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों सुधीर, मनोज, धर्मपाल, आजाद और महिपाल ने बताया कि तीन दिन पहले हरियाणा सिंचाई विभाग के कर्मचारी यमुना किनारे पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने रात के समय ठोकर बना दी। इसके बाद यमुना की धार गांव और खेतों की ओर आने लगी। इससे किनारे की जमीन के कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि बहाव गांव की तरफ रहा। तो गन्ने और ज्वार की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो सकती है। ग्रामीणों ने मौके पर जांच कराकर ठोकर हटवाने और यमुना का बहाव गांव से दूर करने की मांग की है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। रजनीश कुमार ने यह भी कहा कि यदि ठोकर उत्तर प्रदेश की सीमा में बनी पाई गई। तो उच्च अधिकारियों को अवगत कराते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।