शामली। शहर में पहले से ही ई रिक्शा व अन्य वाहनों के जाम से लोगों को जूझना पड़ रहा है। अब शामली चीनी मिल भी चालू होने वाला है। गन्ना वाहनों से शहर में जाम की समस्या और बढ़ेगी, लेकिन पुलिस प्रशासन की तरफ से अभी जाम से निबटने के लिए कोई कार्य योजना तैयार नहीं की गई है।
शामली शहर में जाम की समस्या पुरानी है। शहर में धीमानपुरा फाटक ट्रेनों के आने जाने के दौरान दस से भी ज्यादा बार बंद होता है। इससे वाहनों का दोनों तरफ जाम लग जाता है। फाटक खुलने पर आमने सामने वाहन फंसने से जाम में फंसे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा शहर में ई रिक्शाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ई रिक्शाओं के कारण शहर के मुख्य मार्ग से लेकर बाजारों तक जाम लगा रहता है। शहर में वीवी इंटर कॉलेज रोड, दिल्ली रोड, कैराना रोड, करनाल रोड पर जाम की समस्या बनी रहती है। कबाड़ी बाजार, बड़ा बाजार, नया बाजार, गांधी चौक, नेहरू मार्किट में ई रिक्शा के कारण लोग जाम में फंसे रहते हैं। प्रशासन ने पहले ई रिक्शाओं का रूट निर्धारण करने की योजना तैयार की थी, लेकिन अभी तक रूट निर्धारण योजना तैयार नहीं हुई है।
उधर, शामली चीनी मिल का नया पेराई सत्र भी शुरू होने वाला है। गन्ना लेकर आने वाले वाहन ट्रैक्टर-ट्रालियों और भैंसा बुग्गी शहर के बीच से होकर मिल तक जाती है और गन्ना तोलने के बाद खाली भी शहर से होकर जाती है। इससे शहर में जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। मिल प्रबंधन व प्रशासन ने अभी तक जाम की समस्या को लेकर कोई कार्य योजना तैयार नहीं की है। शहर में विजय चौक और अजंता चौक समेत कई स्थानों पर टेंपो खड़े रहते हैं। सवारी की इंतजार में टैंपो सड़क पर खड़े रहने के कारण जाम का कारण बन रहे हैं, लेकिन पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि अवैध रूप से टैंपो का संचालन करने पर चालकों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। जिला यातायात प्रभारी प्रवेश कुमार का कहना है कि शहर में यातायात संचालन के लिए चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।