फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पहले पानी का इंतजाम, फिर उखाड़ने देंगे हैंडपंप’

Fri, 21 Apr 2017 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बिजरौल में उखाड़े गए हंैडपंप। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बागपत।  बड़ौत और बागपत ब्लॉक में  प्रदूषित जल देने वाले 125 हैंडपंप उखाड़ने का जगह-जगह ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण ने कहा जल निगम हैंडपंप उखाड़ ले जाता है, लेकिन पेयजल की व्यवस्था नहीं की जाती है। जनपद में अभी तक करीब 40 हैंडपंप नहीं उखाड़े जा सके हैं। 
विज्ञापन


दोआबा पर्यावरण समिति ने एनजीटी में हैंडपंप से निकल रहे प्रदूषित जल पर याचिका दाखिल की थी। 413 हैंडपंप के बाद जांच कराई तो 12 गांव में 120 हैंडपंप का पानी प्रदूषित मिला। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने इन जगहों से हैंडपंप उखाड़ने के लिए टीमें गठित की, लेकिन जगह-जगह विरोध होने के कारण अभी तक केवल 85 हैंडपंप ही उखाड़े जा सके हैं। 


ग्रामीणों ने बताया प्रशासन की टीम गांव में आती है और हैंडपंप उखाड़कर ले जाती है, लेकिन पेयजल के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। यही कारण है कि अब टीम को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम के अधिकारियों ने इस मामले की रिपोर्ट डीएम ह्दय शंकर तिवारी को भेजी है।
विज्ञापन


होना चाहिए पेयजल का इंतजाम

जिवाना गुलियान के प्रधान आदित्य सोलंकी कहते हैं कि प्रशासन को पानी के बेहतर इंतजाम की व्यवस्था करनी चाहिए। पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया  है, इस कारण अधिक परेशानी हो रही है। प्रत्येक गांव में बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
विज्ञापन


सपा नेता विजय राणा कहते हैं कि चौगामा क्षेत्र में पेयजल की अधिक समस्या हैं। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। 
बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। कई गांव ऐसे हैं, जहां ग्रामीण अपने स्तर से सबमर्सेबिल लगवा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें