-बामनौली गांव के ठाकुरद्वारा मंदिर में 111 कुंडीय महारुद्र यज्ञ का हुआ समापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। बामनौली गांव के ठाकुरद्वारा मंदिर में चल रहे 111 कुंडीय महारुद्र यज्ञ का शुक्रवार को समापन किया गया। केशवानंद गिरि ने कहा कि स्वार्थ के वशीभूत होकर किया गया कार्य खुद के लाभ के लिए होता है, जो दूसरे की भलाई के काम नहीं आ सकता है।
उन्होंने कहा कि क्रोध, मोह, माया के जाल में फंसकर मनुष्य भगवान से दूर होता जा रहा है, जो उसके दुख का कारण है। इन्हें छोड़ने के बाद ही जीवन में शांति मिलती है। कहा कि मनुष्य को सिर्फ यही चिंता सताती रहती है कि अपना कार्य किस तरह आगे बढ़े और उन्नति करे। इसके लिए दूसरों का कितना ही नुकसान क्यों न हो जाए, लेकिन सच्चा इंसान वही होता है जो अपने लाभ के लिए दूसरे को नुकसान पहुंचाने से बचता है। कहा कि सच्चाई इंसान को सदमार्ग पर ले जाती है। इंसान सत्य, अहिंसा को अपनाकर ही जीवन सुखी बना सकता है। संत जीव रक्षा के संदेश देकर उनकी रक्षा की जिम्मेदारी भी उठाते हैं। इस मौके पर श्रीराम तोमर, हेमंत एडवोकेट, जंगबहादुर तोमर, रामबीर सिंह, पवन कुमार, धर्मपाल सिंह, अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।