अब बसों में मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं। इस समय गर्मी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को गर्म हवा से बचाया जाना जरूरी है, लेकिन बसों की खिड़की टूटी होने के कारण लोग परेशान हैं। वहीं सीटें भी बैठने लायक नहीं हैं।
रोडवेज बसों की स्थिति पर गौर करें तो शीशे, खिड़की टूटे पड़े हैं। रात के समय सफर के दौरान कई गाड़ियों में बैक लाइट तक नहीं है, जिस कारण हादसों की आंशका बनी रहती है। यात्री सावन, गजेन्द्र ओर गोविन्द आदि का कहना है कि रोडवेज विभाग यात्रियों से पूरा किराया वसूल रहा है, लेकिन सुविधाएं सिफर हैं।
ना बैठने लायक सीटे हैं और न ही सफर के दौरान गर्म हवाओं से बचाने के लिए खिड़कियां सही हैं। उधर, बड़ौत डिपो के बस संचालन प्रभारी नरेन्द्र मान ने बताया कि बसों के टूटे शीशे लगभग बदले जा रहे हैं। वहीं सीटों की स्थिति भी ठीक की जा रही है।