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‘अग्निपथ’ के विरोध से सहमे यात्री, ट्रेनों से बना रहे दूरी

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सुनसान पड़ा बड़ौत रेलवे स्टेशन - फोटो : BARAUT
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बड़ौत। अग्निपथ योजना का विरोध रेलवे पर भारी पड़ रहा है। आलम यह है कि पिछले चार दिनों के अंदर ही बिहार, पश्चिम बंगाल, इलाहाबाद, मिर्जापुर, दिल्ली, राजस्थान सहित अन्य जगहों के सैकड़ों आरक्षण टिकट रद्द हो चुके हैं, जबकि ट्रेनों में भी प्रतिदिन यात्रियों की संख्या घट रही है। इससे रेलवे को राजस्व में नुकसान पहुंच रहा है।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर इस समय आठ ट्रेनें संचालित हैं, जिनमें प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते है। जब से अग्निपथ योजना शुरू हुई, तब से रेलवे प्रशासन को हानि पहुंच रही है। योजना के विरोध के चलते ट्रेनों में आगजनी की घटना से यात्रियों के डर बैठ गया है। जिस कारण यात्री अपने गृह जनपद से अन्य जनपदों और राज्यों में जाने से परहेज कर रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक सुधीर शर्मा ने बताया कि अग्निपथ के विरोध के कारण ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या पर असर पड़ रहा है। आरक्षण टिकट भी यात्री रद्द करा रहे हैं।
वापस करनी पड़ी लाखों की धनराशि
बड़ौत। अग्निपथ योजना का विरोध इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले चार दिनों के अंदर 110 से अधिक आरक्षण टिकट यात्री रद्द करा चुके हैं। आरक्षण टिकट खिड़की पर तैनात क्लर्क सचिन कुमार ने बताया कि पिछले चार दिनों के अंदर बिहार, पश्चिम बंगाल, इलाहाबाद, मिर्जापुर, दिल्ली, राजस्थान सहित कई जगहों से 110 यात्री अपने आरक्षण टिकट रद्द करा चुके है। जिस कारण लगभग डेढ़ लाख की धनराशि वापस की गई।
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प्रतिदिन हो रहा 15 हजार का नुकसान
बड़ौत। बुकिंग पर्यवेक्षक विश्व जीत के अनुसार जब से अग्निपथ योजना का विरोध हुआ है, तभी से ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटकर आधी रह गई है। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर प्रतिदिन 2000 से अधिक यात्री आवागमन करते थे, लेकिन विरोध के बाद यह संख्या घटकर अब 900 से 1000 हो गई है। यानी प्रतिदिन 15 हजार का राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है।
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