बागपत। होटलों में मिलने वाले पनीर, दूध व सब्जियों की ग्रेवी भी मिलावटी मिली और इनके सैंपल फेल हो गए। यह लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है तो फास्ट फूड भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यहां अभी तक मिलावटखोरों पर 19 लाख 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बाद भी वह मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे।
यहां सेहत के लिए जिस पनीर को खाते हैं, उसके एक साल में 30 नमूने फेल हुए है। पनीर में वेजिटेबल ऑयल, मिल्क सॉलिड समेत अन्य चीजें मिली।
पनीर का सैंपल फेल होने पर मिलावटखारों पर 60 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। 14 मिलावटखारों के खिलाफ वाद दायर किया गया। जिले में एक साल में 239 सैंपल लिए गए थे, जिसमें 190 की रिपोर्ट आई है और 118 सैंपल फेल हुए है। अभी तक मिलावटखोरों पर 19 लाख 36 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इनमें सॉस, दूध, पनीर, मक्खन, तेल, मसाले आदि के सैंपल शामिल है।
पनीर में इस्तेमाल होने वाले घातक पदार्थ : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सहायक आयुक्त मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सिंथेटिक पनीर को वेजिटेबल आॅयल, स्टार्च, आर्टिफिशियल डाई, मिल्क साॅलिड और कुछ प्रकार के हानिकारक केमिकल से तैयार किया जाता है।