बागपत। जिले के होटलों और दुकानों में बिकने वाले पनीर, दूध और सब्जियों की ग्रेवी में बड़े पैमाने पर मिलावट पाई गई है। इन खाद्य पदार्थों के कई नमूने जांच में फेल हो गए हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। प्रशासन ने अब तक मिलावटखोरों पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, लेकिन इसके बावजूद मिलावट का धंधा थम नहीं रहा है।
पिछले एक साल में पनीर के 40 से अधिक नमूने जांच में विफल रहे हैं। इन नमूनों में वेजिटेबल ऑयल और मिल्क सॉलिड जैसी अखाद्य वस्तुएं मिली हैं। पनीर के नमूने फेल होने पर मिलावटखोरों पर 80 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। दूध के भी 35 से अधिक नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जिले में कुल 373 खाद्य नमूनों की जांच की गई थी। इनमें से 311 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। प्राप्त रिपोर्टों में से 168 नमूने मिलावटी पाए गए हैं। इन मिलावटी उत्पादों में सॉस, दूध, पनीर, मक्खन, तेल और मसाले शामिल हैं। 18 मिलावटखोरों के खिलाफ कानूनी वाद भी दायर किया गया है।
पनीर में इस्तेमाल हो रहे घातक पदार्थ
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन सहायक आयुक्त डीपी सिंह ने बताया कि सिंथेटिक पनीर को वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च, आर्टिफिशियल डाई, मिल्क सॉलिड और कुछ प्रकार के हानिकारक केमिकल से तैयार किया जाता है। यह देखने में बिल्कुल पनीर की तरह होता है, परंतु आपकी सेहत को कई रूपों में नुकसान पहुंचा सकता है। इसका असर किडनी और लिवर पड़ता है।
ऐसे करें पनीर की पहचान
- पनीर के एक टुकड़े को एक कप उबलते पानी में डालें। इसके बाद एक चम्मच अरहर दाल का पाउडर पनीर वाले पानी में डाल दें। 10 मिनट बाद पानी हल्का लाल रंग का होता है तो यूरिया की मिलावट की गई है।
- एक छोटे बाउल में उबले हुए पनीर के टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन डालें और कुछ देर रुकें। यदि पनीर का रंग नीला हो जाता है तो इसमें स्टार्च की मात्रा मिलाई गई है। वहीं रंग पीला या नारंगी है तो आपका पनीर शुद्ध एवं सुरक्षित है।
-शुद्ध पनीर दबाने पर आसानी से टूटता है और मुंह में जाते ही घुल जाता है। सिंथेटिक और मिलावटी पनीर रबर जैसा हो सकता है। जिसे खाने के लिए अधिक चबाने की आवश्यकता पड़ती है।
खाद्य पदार्थ इस तरह नुकसान दायक
-पैकेट बंद खाद्य पदार्थ में अधिक मात्रा में चीनी, नमक और वसा होते हैं। यह मोटापा, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं को बढ़ाते हैं।
-ये खाद्य पदार्थ घर में बनाए गए भोजन की तुलना में कम पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
-कुछ बंद पैकेट वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट या अशुद्धियों की भरमार होती है। वहीं बीमार होने का खतरा रहता है।
-कुछ पैकेट बंद खाद्य पदार्थों में फाइबर की कमी होती है, जिससे कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।