पक्का घाट स्थित श्मशान के पास पैमाइश पर उलझते टीम सदस्य।
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बागपत। शहर के पक्का घाट कॉलोनी में श्मशान और कृषि भूमि की पैमाइश करने पहुंचे सर्वे कानूनगो और लेखपाल के साथ लोगों ने नोकझोंक की। चेतावनी दी कि जमीन की किसी भी कीमत पर पैमाइश नहीं होने देंगे। टीम को बगैर पैमाइश लौटना पड़ा।
शहर के पक्का घाट मोहल्ले में नगर पालिका की ओर से श्मशान बनाया हुआ है। उसी की बराबर में कृषि भूमि है। ईदगाह मोहल्ला निवासी इस्लाम ने राजस्व विभाग को जमीन की पैमाइश कराने के लिए पत्र लिखा था।
इसके बाद मंगलवार को उनके साथ सर्वे कानूनगो इरफान अली और लेखपाल अजीत सिंह के साथ जमीन की पैमाइश कराने के लिए पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले श्मशान घाट की जमीन की पैमाइश शुरू की तो मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। लेखपाल के साथ नोकझोंक शुरू कर दी। विरोध में जमकर हंगामा किया। चेतावनी दी है कि उनकी भूमि की पैमाइश की तो उसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। शिकायतकर्ता इस्लाम ने बताया कि श्मशान की भूमि के बराबर में 17 बीघा का चक है। जिसमें सवा बीघे जमीन उसकी है। कय्यूम पक्ष के लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर रखा है।
जब भी जमीन को कब्जा मुक्त कराने का प्रयास करते है तभी इसका विरोध करते है। वहीं दूसरे पक्ष के कय्यूम ने बताया कि 30 वर्ष पहले जमीन खरीदी थी। तभी से खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं। आज तक भी इसका इसका विरोध नहीं किया। अब बिना वजह के परेशान किया जा रहा है। पैमाइश की कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उधर, सर्वे कानूनगो इरफान अली ने बताया कि श्मशान और पास की जमीन की पैमाइश के लिए पहुंचे थे। बिना वजह के बखेड़ा किया गया है। जमीन की पैमाइश पुलिस बल के साथ कराई जाएगी ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।