कम बारिश और खाद की महंगाई से धान की घट गई रोपाई
बागपत। कम बारिश और खाद की महंगाई ने धान की फसल को बड़ा झटका दिया है। पिछले वर्ष धान का रकबा 5503 हेक्टेयर तक पहुंच गया था, जो इस बार मात्र 3595 हेक्टेयर ही रह गया। पिछले वर्ष लक्ष्य भी 5497 दिया गया था। जबकि इस बार लक्ष्य मात्र 4790 हेक्टेयर था, वह भी पूरा नहीं हो पाया।
बारिश की कमी और खाद पर चढ़ी महंगाई के चलते किसानों का धन की फसल से मोह कम हुआ है। पिछले वर्ष की सापेक्ष धान का रकबा 1908 हेक्टेयर घट गया। किसानों के अनुसार धान की फसल अधिकांशत: बारिश पर निर्भर रहती है। वर्ष 2021 में कुल 203 मिमी बारिश हुई थी, जबकि 15 जून से 15 जुलाई तक 100 मिमी बारिश हुई थी। जिसके सापेक्ष इस साल जून में 75.5 मिमी बारिश हुई, जबकि जुलाई में अब तक सिर्फ 24 मिमी बारिश हुई है। उधर कुछ महीने पहले खाद डीएपी के दामों में बढ़ोतरी हुई थी। डीएपी के 50 किलो के पैकेट के दाम 1200 रुपये से बढ़कर 1350 रुपये तक पहुंच गए। जिसका असर भी धान की बुवाई में देखने को मिल रहा है। विगत वर्ष 2021-22 में लक्ष्य से अधिक धान की रोपाई करने वाले बागपत जनपद में इस साल धान का रकबा घट गया है। शासन से निर्धारित किए गए 4790 हेक्टेयर रकबे के सापेक्ष 3595 हेक्टेयर रकबा रह गया है।
- महंगी पड़ी धान की रोर्पाई, तो दूसरी फसल उगाई
नलकूप से महंगी पड़ेगी सिंचाई
इस साल बरसात कम हो रही है और नलकूपों पर मीटर लग गए हैं। धान की फसल में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, जिसकी नलकूप चलाकर सिंचाई करना काफी महंगा साबित होगा। इस बार धान की रोर्पाई छोड़कर सब्जी उगा रहे हैं। - जोनी उज्ज्वल, मवीकलां
--
डीएपी की महंगाई ने कर दी हालत खराब
धान की फसल को बीमारी से बचाने के लिए खाद का प्रयोग किया जाता है, लेकिन खाद के दाम भी बढ़ गए। सिंचाई के लिए बारिश भी नहीं हो रही। जिसके चलते धान की फसल उगाने के बजाय दूसरी फसल उगाएंगे। - राजीव उज्ज्वल मवीकलां
----
धान नहीं दूसरी फसल उगाएंगे
धान की फसल के दाम भी कम ही मिलते हैं, जबकि लागत लगातार बढ़ती जा रही है। अब धान की रोर्पाई फायदे का सौदा नहीं रही। - सुरेंद्र सिंह यादव, सिंघावली अहीर
--
नलकूप से सिंचाई से जेब हो जाएगी खाली
नलकूपों पर विद्युत मीटर लग गए हैं और बरसात भी कम हो रही है। धान की अगेती फसल को बारिश का पानी नहीं मिलने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। नलकूप से धान की सिंचाई करने पर जेब खाली हो जाएगी। - विजयपाल सिंह यादव, हिसावदा।
--
वर्जन-
धान की रोपाई अभी चल रही है और बरसात होने की उम्मीद भी बनी हुई है। शासन से धान के लिए मिले लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। लगातार किसानों से संपर्क कर धान में लगने वाले कीटों के प्रति जागरूक किया जाएगा। - बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी।