बागपत के गांव धनौरा सिल्वर नगर में पुलिस सुरक्षा में किसान देवी सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ताबड़तोड़ छापे लगा रही है। इस दौरान पुलिस 10-12 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, लेकिन हत्यारोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस सुरक्षा में शव का सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार किया। दूसरी तरफ सुमित की हत्या के दूसरे गवाहों को भी मौत का डर सताने लगा है।
रविवार को धनौरा सिल्वर नगर में कार में सवार सशस्त्र बदमाशों ने पुलिस सुरक्षा के दौरान धनौरा सिल्वर नगर निवासी देवी सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। इस मामले में अभी तक पुलिस को कोई भी हत्यारोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। 10-12 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीओ श्वेताभ पांडेय बिनौली में डेरा डाले हैं और ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार देवी सिंह की हत्या में प्रमोद गांगनौली गैंग का हाथ होना लग रहा है। इस वारदात के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस मृतक के घर और गांव में तैनात है।
सोमवार को सुबह के समय मृतक देवी सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचा और भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस के अनुसार मृतक देवी सिंह के भाई सुमित की गत वर्ष हत्या की गई थी। इसमें देवी सिंह पैरवी कर रहा था। वहीं इस हत्या में गांव के और भी गवाह शामिल है। वे भयभीत है और वे घरों से नहीं निकले। उन्हें भी अपनी हत्या की आशंका सताने लगी है, कहीं अब बदमाश उन्हें निशाना न बना दें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से रक्षा की व्यवस्था कराने की मांग की।
दूसरी तरफ थाना प्रभारी बिनौली तेजेंद्र पाल सिंह ने बताया पुलिस की कई टीमें हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली में संभावित स्थानों पर दबिशें दे रही है लेकिन उनके हाथ अभी कुछ नहीं लगा है।