बागपत जिला सहकारी समिति के सदस्य चिन्तेराम ने धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर समिति के तत्कालीन एमडी और लिपिक पर खाते से 69949 रुपये निकालने का आरोप लगाया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मान बागपत के थानाध्यक्ष को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
चिन्तेराम ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया उसने गांव सिसाना में जिला सहकारी समिति नौरोजपुर गुर्जर से सदस्यता प्राप्त कर रखी है। सदस्यता का लाभ लेने के लिए प्रमाणपत्र प्राप्त कर रखा है। समिति में उसका खाता जिला सहकारी बैंक लि. मेरठ में खुला हुआ है। उसने जुलाई 2013 में कृषि भूमि के लिए पांच कट्टे डीएपी खाद लिया और उसकी एवज में तत्कालीन लिपिक महेंद्र सिंह को चेक दिया, लेकिन लिपिक महेंद्र सिंह ने सहकारी छूट आने की बात कहकर 2-3 दिन बाद चेक लेने के लिए कहा।
14 जुलाई 2013 को लिपिक उनके घर पहुंचा, उसने सहकारी छूट के नाम पर चेक बुक मांगी। आरोप है इसी दौरान आरोपी लिपिक ने चेक बुक से एक चेक फाड़कर अपने पास रख लिया। सितंबर 2014 में उसने अपना खाता चेक किया तो खाते से 69949 रुपये निकले हुए मिले। चिंतेराम ने लिपिक महेंद्र सिंह और एमडी सुनील कुमार पर फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी और जालसाजी से खाते से रुपये निकालने का आरोप लगाया।
उसने कहा रुपये मांगने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। एडवोकेट कुलदीप तोमर ने बताया कोर्ट ने मामले को गंभीर मान बागपत थानाध्यक्ष को आरोपी लिपिक महेंद्र सिंह और एमडी सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के आदेश दिए है।