हरसिया बिजलीघर के लिए खींची जा रही लाइन के लिए किसानों ने बुधवार को भी विद्युत निगम की टीम का विरोध किया। सूचना मिलते ही विद्युत निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौके पर ही फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा देने की बात तय की। निगम ने किसानों को चेक बांटे। इसके बाद लाइन खींचे जाने का काम शुरू हुआ।
बागपत से हरसिया बिजलीघर तक खींची जाने वाली हाईटेंशन लाइन को लेकर पिछले छह माह से विवाद चल रहा है। किसानों की मांग थी कि उनको उचित मुआवजा मिले, लेकिन प्रशासन का कहना था कि वह सिर्फ फसल क्षतिपूर्ति ही दे सकते हैं। मंगलवार को भी किसानों ने पुलिस की मौजूदगी में काम करनी गई विद्युत निगम की टीम को वापस लौटा दिया ।
इस मामले में किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । बुधवार को एसडीओ (ट्रांसमिशन) अंकित गंगवार पुलिस के साथ फिर काम करने के लिए पहुंचे। किसानों ने काम करने से रोक दिया। इस दौरान उनकी काफी नोकझोंक हुई। इससे हंगामा हो गया। सूचना मिलते ही एसडीएम विवेक कुमार यादव और सीओ दिलीप सिंह मौके पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया। किसानों को क्षतिपूर्ति का मुआवजा मौके पर ही देने का आश्वासन दिया । बाद में किसान सहमत हो गए। इसके बाद लाइन का काम शुरू हुआ। एसडीओ ने कहा किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा चेक के माध्यम से दिया जा रहा है।
किसान मांगे मुआवजा, निगम दे रहा क्षतिपूर्ति
बागपत। एसडीओ ने कहा फिलहाल प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों की मांग को शासन को अवगत कराया जाएगा। किसानों ने कहा प्रभावित किसान को जमीन का मुआवजा दिया जाना चाहिए। जबकि इस तरह के मामले में किसानों को सिर्फ फसलों की क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जाता है। ब्यूरो
जिस खेत में काम, उसे ही मिलेगा चेक
बागपत। विद्युत निगम की टीम ने तय किया है कि जिस किसान के खेत में काम किया जाएगा, उसे ही मुआवजा मिलेगा। इस तरह क्रमवार सभी किसानों को मौके पर ही मुआवजा मिलेगा। दो किसानों के खेतों में काम किया , जिन्हें मौके पर चेक सौंप दिए। ब्यूरो