बागपत। देशखाप के अजेय राजा सलक्षणपाल तोमर के जन्म जयंती समारोह में शामिल हुए रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत मंच पर एक साथ नहीं आए। चौधरी टिकैत हवन में शामिल हुए और सुबह ही किसानों को दिल्ली कूच का संदेश देकर लौट गए। किसान महापंचायत में खाप चौधरी और अजित सिंह शामिल हुए। हालांकि सबके निशाने पर भाजपा सरकार रही, लेकिन एक साथ मंच साझा करने से परहेज किया।
किसान मोर्चा बार-बार किसान आंदोलन को अराजनीतिक होने की बात कहता रहा है। यह भी कहा गया कि यह लड़ाई सरकार और किसानों के बीच की है। कोई भी राजनीतिक दल किसानों के बीच पहुंचकर सियासत करने की कोशिश ना करें। बामनौली में राजा सलक्षणपाल तोमर के जयंती समारोह में चौधरी अजित सिंह और भाकियू प्रवक्ता को बुलावा दिया गया था। लेकिन टिकैत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मंच साझा करने से बचाव करते दिखे। वह सुबह हवन में शामिल हुए। सलक्षणपाल को श्रद्धांजलि दी। देशखाप के युवाओं को इतिहास याद दिलाया। यह भी कहा कि इसी खाप ने दिल्ली पर राज किया है। इसके बाद राकेश टिकैत वापस लौट गए। करीब तीन घंटे बाद रालोद अध्यक्ष अजित सिंह, इनेलो नेता अभय चौटाला पहुंचे और किसान महापंचायत में शामिल हुए। महापंचायत में भाजपा सरकार निशाने पर रही।
सीधे-साधे किसानों में वोट की तलाश ना करें : राकेश टिकैत
बागपत। भाकियू के प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसानों ने किसान मोर्चा के 40 सदस्यों पर भरोसा किया है। इस भरोसा को कायम रखा जाएगा। किसान मोर्चा के प्रतिनिधि राजनीतिक दलों के साथ मंच साझा नहीं कर रहे हैं। किसानों की पगड़ी का पूरा सम्मान किसान मोर्चा रखेगा। राजनीतिक दल किसानों में वोट की तलाश ना करें, वर्तमान समय किसानों के भविष्य का सवाल बन गया है।
जिस चौकी में किसानों का सामान रखा, वहां बनना चाहिए संग्रहालय
बागपत। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि बड़ौत के किसानों के धरने का सामान जब्त कर जहां पुलिस ने रखा हुआ है, वहां संग्रहालय बनना चाहिए। किसान दोबारा आंदोलन शुरू कर देंगे। पुलिस किसानों को समझने में चूक कर रही है।