हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जाने के चलते यमुना उफान पर है और किनारों पर खेतों में उगाई गई फसल जलमग्न हो गई है। उधर, हिंडन नदी भी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। जिसके किनारे खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है।
यमुना नदी में मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से दिनभर में 68 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 208.70 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 209 मीटर के काफी करीब पहुंच गया है। उधर, यमुना किनारे पर लगातार कटान होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों की सब्जी, हरे चारे की फसल जलमग्न हो रही है।
उधर, मंगलवार को हिंडन भी हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से उफान पर आ गई। जिसका जलस्तर बढ़कर 210.65 मीटर पर पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 210.50 मीटर पर है। जिससे हिंडन नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी पर नजर रखी जा रही है और यमुना व हिंडन किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी है। यमुना व हिंडन का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है।
- उत्कर्ष भारद्वाज, एक्सईएन सिंचाई