बागपत। महेशपुर चोपड़ा गांव के पास 30 अक्तूबर को पूर्वी यमुना नहर में बोरे में मिले युवक ओमवीर की हत्या के मामले का पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि शराब तस्करों ने ओमवीर की हत्या की है। उनका धनौरा गांव के गौरव से 1.20 लाख रुपये का विवाद था। ओमवीर अपने दोस्त गौरव की हिमायत करता था। उसको रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने ओमवीर को गुराना गांव में शराब पिलाने के बहाने ले जाकर उसकी हत्या की। बाद में शव को नहर में फेंक दिया था।
बृहस्पतिवार को एसपी पूनम ने पत्रकारों को बताया गिरफ्तार आरोपी सोनू उर्फ छोटू पुत्र शौकीन निवासी गडरियान पट्टी मेहर बड़ौत और पप्पू उर्फ लाला उर्फ संजय पुत्र महावीर जैन निवासी हिलवाड़ी है। दोनों ने अपने साथी संजय पुत्र दयानंद कश्यप निवासी गुराना और पिंकू निवासी सहारनपुर के साथ मिलकर ओमवीर की हत्या की है। संजय गुराना शराब की तस्करी करता है। उसके खिलाफ कई केस दर्ज है। उसका धनौरा गांव के गौरव से 1.20 लाख रुपये का लेनदेन था। इस बात पर उनमें विवाद था। ओमवीर ने अपने दोस्त गौरव की हिमायत की थी। संजय गुराना ने उसे रास्ते से हटाने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या करने का प्लान तैयार किया।
उन्होंने बताया आरोपी पप्पू हिलवाड़ी ने ओमवीर को 28 अक्तूबर की रात (धनतेरस) को अपने घर में बुलाया। पप्पू उसे शराब पिलाने के बहाने से संजय गुराना के घर में लेकर गया। वहां आरोपियों ने मिलकर उसको खूब शराब पिलाई। बेहोश कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को रजाई के खोल में लपेटकर बोरे में बंद कर बाइक पर रखकर महेशपुर चोपड़ा के पास पूर्वी यमुना नहर में डालकर चले गए थे। इसके बाद मृतक की बाइक को औसिक्का और हिलवाड़ी के बीच रजवाहे में फेंक दी। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो तमंचे, कारतूस और मृतक की बाइक बरामद की। एसपी ने कहा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किया जा रहे हैं।
संजय गुराना और सोनू ने मारी थी ओमवीर को गोली
बागपत। पुलिस के मुताबिक आरोपी संजय गुराना और सोनू ने नशे की हालत में ओमवीर को गोली मारी थी। इसके बाद सोनू और पिंकू उसके शव को उसकी बाइक पर ही रखकर पूर्वी यमुना नहर में डालकर गए थे। आरोपी पुलिस से बचने के लिए गुराना, हिलवाड़ी, औसिक्का होते हुए महेशपुर चोपड़ा में पूर्वी यमुना नहर में डालकर गए थे। उन्हें शक था कि नहर में पानी है और शव बहकर चला जाएगा। अन्य दो आरोपी ने मकान की सफाई की।
ओमवीर पर था नंगला पोईस के पूर्व प्रधान सिब्बू की हत्या का आरोप
बागपत। एसपी के मुताबिक मृतक ओमवीर के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, आर्म एक्ट और शराब तस्करी के चार मुकदमे दर्ज हैं। उस पर नंगला पोईस के पूर्व प्रधान शिवकुमार उर्फ सिब्बू की हत्या का आरोप था। मृतक जानलेवा हमले के केस में 11 माह जेल में रहा था। 14 सितंबर 2016 को जमानत पर छूटा था।
गौरव पर भी किया जानलेवा हमला
बागपत। आरोपियों का इरादा गौरव को भी जान से मारने का था। इसी इरादे से एक अक्तूबर को दौझा से धनौरा सिल्वर नगर गांव के बीच में उन पर जानलेवा से मारने की नियम से सोनू उर्फ छोटू और संजय गुराना ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर फायर किया था। गौरव गोली लगने से बच गया था। इसका बिनौली थाने में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपी राकेश और सलीम निवासी बड़ौत को गिरफ्तार किया।
नामजद चार आरोपियों को मिली क्लीन चिट, एसएसआई सस्पेंड
बागपत। ओमवीर की हत्या के मामले में नामजद चारों आरोपियों को एसपी पूनम ने क्लीन चिट दे दी है। साथ ही इस मामले में रिश्वत मांगने के आरोप में सिंघावली अहीर थाना के एसएसआई फिरोज अख्तर को सस्पेंड कर दिया है। नंगला बढ़ी गांव के युवक ओमवीर का महेशपुर चोपड़ा गांव के पास पूर्वी यमुना नहर में शव मिलने पर मृतक के परिजनों ने शव की शनाख्त की थी।
साथ ही लोकेश पुत्र महावीर निवासी धनौरा सिल्वर नगर, मुनेश पुत्र हरपाल निवासी नंगला बढ़ी, बिजेंद्र पुत्र शंभू और पहलवान पुत्र देवी सिंह निवासी दौझा पर हत्या कर शव फेंकने का शक जाहिर कर सिंघावली अहीर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस केस की विवेचना कर रही है। एसपी पूनम ने नामजद आरोपियों को वारदात में शामिल होना नहीं पाया। साथ ही एसपी पूनम को इस मामले में सिंघावली अहीर थाने के एसएसआई फिरोज अख्तर के रिश्वत मांगने की शिकायत मिली। जांच कराई तो आरोप सहीं पाया। एसपी पूनम ने नामजद आरोपियों को क्लीन चिट देेकर आरोपी एसएसआई फिरोज अख्तर को सस्पेंड कर दिया है।