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टीकरी में वृद्धा की गोली मारकर हत्या 

Thu, 08 Dec 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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टीकरी कसबे में रामभतेरी की हत्या के बाद परिजनों से जानकारी लेते एएसपी अजीजुलहक - फोटो : amar ujala
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बागपत के कस्बा टीकरी में वृद्धा रामभतेरी (60) की बुधवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। बचाव में आए लोगों को भी आरोपियों ने बुरी तरह पीटा। हत्या करने के बाद शव को घसीटते हुए उसके मकान में छोड़ गए। मृतका के जेठ और उसके बेटों पर दस बीघा जमीन और मकान के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए बाप-बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस अफसरों ने मौका मुआयना किया।
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  रामभतेरी के पति सुरेंद्र की करीब आठ माह पूर्व मृत्यु हो गई थी। उसके बच्चे नहीं थे। उसने अपनी दस बीघा जमीन की दो माह पूर्व वसीयत अपने भतीजे सुधीर निवासी डूंगर (शामली) के नाम कर दी थी। इसका उसका जेठ रामपाल उर्फ डब्लू व उसके बेटे पप्पू व कालू विरोध कर रहे थे और उससे रंजिश रखने लगे थे। दो माह पूर्व आरोपी जेठ व उसके बेटों ने रामभतेरी पर जानलेवा हमला किया था। वह बाल-बाल बच गई। आरोपियों ने उसे घर से निकाल दिया था। उसके मकान व जमीन पर आरोपियों ने कब्जा कर लिया था। रामभतेरी अपने मायके में में रहने लगी थी।
  सोमवार को वह अपने भाई के साथ एसपी दफ्तर पर पहुंची थी घर और जमीन कब्जाने की शिकायत की थी। एसपी के निर्देश पर दोघट पुलिस ने मंगलवार को रामभेतरी को मकान व जमीन पर कब्जा दिलवा दिया था। हालांकि उस रात को आरोपियों के डर से कस्बे में किसी अन्य मकान में सोई थी। बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे रामभतेरी अपने मकान पर जा रही थी, तभी उसके जेठ रामपाल उर्फ डब्लू, उसके बेटे पप्पू व कालू ने उस पर पीछे से हमला बोल दिया। महिला जान बचाकर पड़ोसी चांदवीर के मकान में घुस गई। आरोपी भी मकान के अंदर घुस गए और महिला की पिटाई शुरू कर दी। शोर मचने पर चांदवीर की पत्नी शारदा, पुत्रवधू मेघा व मकान का निर्माण कर रहे राजमिस्त्री बॉबी और मोनू बचाने के लिए आए तो हमलावरों ने उन्हें भी पीटा और डराने के लिए हवाई फायरिंग की। उन्होंने कमरों में घुसकर अपनी जान बचाई।
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  उसके बाद आरोपियों ने रामभतेरी के सिर में तमंचा सटाकर दो गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद आरोपी उसके शव को गली में घसीटे हुए उसके मकान में ले गए और वहां से हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना पर एसपी अजय शंकर राय, एएसपी अजीजुल हक, सीओ एके शर्मा, सीओ श्वेताभ पांडेय समेत बिनौली, बड़ौत, रमाला थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लिया। इस संबंध में घायल शारदा ने आरोपी रामपाल, उसके बेटे पप्पू, कालू समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एएसपी अजीजुल हक ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
  बेटा मुझे मत मार, तेरे नाम कर दूंगी जमीन 
बागपत। बेटा मैं तो तेरी चाची हूं, मुझे मत मार, सारी जमीन तेरे नाम कर दूंगी, लेकिन मुझे छोड़ दे... जी हां रामभतेरी हाथ जोड़कर अपनी जिंदगी की भीख मांगती रही, लेकिन आरोपी बोले कि तुझे तो जिंदा हीं नहीं छोड़ेंगे। आरोपियों ने रामभतेरी के हाथ अपने पैरों तले दबा लिए और उसकी कनपटी पर तमंचा सटाकर दो गोली मार दी।   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रामभतेरी बुधवार सुबह गली से गुजर रही थी। इसी दौरान आरोपी उसके पीछे लग गए। वह अपनी जान बचाने के लिए पड़ोस के मकान में घुसी तो आरोपी वहां भी पहुंच गए और उसे जमीन पर गिरा कर उसके हाथों को अपने पैरों से दबा लिया। उसके बाद उसके सिर में दो गोली उतार दी। आरोपी बेखौफ होकर शव को गली में करीब 50 मीटर घसीटते हुए उसके मकान में डालकर हथियार लहराते हुए लोगों को धमकी दी कि किसी ने जुबां खोली तो अंजाम बुरा होगा करते हुए फरार हो गए। इस दौरान किसी ने भी विरोध नहीं किया। सभी अपने घरों में दुबक गए।

 जान बचाने की गुहार लगाती रही वृद्धा
दोघट। रामभतेरी ने अपनी जान बचाने के लिए कई घरों के दरवाजे खटखटाए, लेकिन किसी ने गेट नहीं खोले। चांदवीर के घर के किवाड़ खुले होने के कारण वह उनके घर में जान बचाने के लिए घुसी गई। जब चांदवीर के परिजन उसके बचाव में आए तो हमलावरों ने हथियार दिखाकर उन्हें चुप कर दिया।
  पुलिस की लापरवाही से गई जान 
बागपत। महिला रामभतेरी ने 25 नवंबर को एसपी दफ्तर पर पहुंचकर बताया था कि वह कस्बे में अपने भाई के साथ रहती है। उसका जेठ व उसके लड़के उससे रंजिश रखते हैं। 12 अक्टूबर की रात आरोपियों ने मकान में घुसकर उसका मुंह दबाकर मारने का प्रयास किया था। शोर मचाने पर आरोपी भाग गए थे। धमकी दी कि मकान व जमीन उनके नाम नहीं किया तो उसकी हत्या कर देंगे। आरोपियों ने 18 अक्टूबर को खेत में खड़ी ज्वार की फसल काट दी। इतना ही नहीं मकान से 25 हजार की नगदी और सामान चोरी किया। खेत में जबरदस्ती सरसों की फसल की बुवाई कर दी। वह 15 नवंबर को अपने भतीजे के साथ दोघट थाने से कस्बा टीकरी जा रही थी। रास्ते में आरोपियों ने उसके भतीजे सुधीर से मारपीट की। लोगों के आने पर धमकी देते हुए चले गए थे। कई बार शिकायत करने के बाद भी अफसरों ने उसकी नहीं सुनी। आखिरकार आरोपियों ने उसकी जान ले ली। 

 भाई को दो माह पूर्व पिटाई कर भगा दिया था
दोघट। रामभतेरी के पति सुरेंद्र की मौत के बाद उसका भाई रामस्वरूप उसके पास रहने लगा था, लेकिन उसके जेठ को यह मंजूर नहीं था। उसने कई बार रामस्वरूप को वहां से जाने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं गया। दो माह पूर्व आरोपियों ने रामस्वरूप की पिटाई कर वहां से भगा दिया था। रामस्वरूप ने बताया कि वे लोग तभी से उसकी बहन की हत्या करने की फिराक में थे। 
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