बागपत। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान द्वारा अवैध खनन और डीएमएफ फंड में कथित घपले के आरोप लगाए जाने के बाद बागपत प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने जिला टास्क फोर्स की बैठक कर अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया है।
सांसद सांगवान ने शुक्रवार को संसद में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों पर अवैध खनन कराने और डीएमएफ के फंड में घपला करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच कराने की बात कही थी। इन आरोपों के अगले ही दिन कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी लाल और पुलिस अधीक्षक राय ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन, पुलिस, परिवहन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें अंतरजनपदीय सीमाओं पर लगातार निगरानी रखेंगी। मवीकलां के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के किनारे मिट्टी डालने के नाम पर हो रहे अवैध खनन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। अधिकारियों ने ईंट भट्ठा संचालकों को भी निर्देश दिए कि मिट्टी खनन के बाद स्थलों का तत्काल समतलीकरण कराया जाए। प्रशासन ने बताया कि मिट्टी उत्खनन के बाद खुले छोड़े गए गड्ढों से बरसात में जलभराव और दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को कार्रवाई में लापरवाही न बरतने और अभियान की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय, जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी विपिन कुमार सहित आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
-समतलीकरण और सुरक्षा के निर्देश
बैठक में ईंट भट्ठा संचालकों द्वारा मिट्टी खनन किए जाने वाले स्थलों को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद मिट्टी उठान वाले स्थानों का तत्काल समतलीकरण अनिवार्य होगा। यह कदम मिट्टी उत्खनन के बाद खुले छोड़े गए बड़े गड्ढों से होने वाले जलभराव और दुर्घटनाओं के खतरे को कम करने के लिए उठाया गया है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।