अमर उजाला एक्सक्लूसिव
पराली जलाने के मुकदमों की सरकार ने डीएम व एसपी से मांगी थी रिपोर्ट
32 जिलों के अधिकारियों ने अभी तक नहीं किया अमल, अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई
अंकित चौहान
बागपत। किसानों पर पराली जलाने के पिछले दो साल में दर्ज हुए मुकदमों को खत्म करने में 32 जिलों के अफसर बाधा बन रहे हैं। सरकार के कई बार ब्योरा मांगने के बावजूद इन 32 जिलों से अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। जिस पर नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इन जिलों के डीएम व एसपी को पत्र भेजकर जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
किसानों पर पराली जलाने के दर्ज मुकदमे खत्म करने के लिए सरकार ने पिछले साल घोषणा की थी। इस पर सभी जिलों से इन मुकदमों को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। इसमें बताया जाना है कि जिले में दर्ज मुकदमों में फिलहाल क्या स्थिति है। वे कोर्ट में पहुंच गए हैं या किसी कारण से अभी तक नहीं पहुंचे हैं। इसको लेकर 43 जिलों के अधिकारियों ने रिपोर्ट भेज दी, जबकि 32 जिलों के अधिकारियों ने शासन को अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी है। जिससे इस मामले में अभी तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
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इन जिलों के अफसरों ने नहीं भेजी रिपोर्ट
डीएम व एसपी को भेजे गए पत्र में कहा कि प्रदेश में पराली जलाने के 868 मुकदमे दर्ज हैं। जिनको लेकर सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी गई थी। बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, आगरा, मथुरा, लखीमपुर खीरी, एटा, इटावा, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, आजमगढ़, मऊ, एटा, कासगंज, प्रयागराज, प्रतापगढ़, चंदौली, सोनभद्र, भदोही, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन के अफसरों ने रिपोर्ट नहीं भेजी है।
वर्जन
यहां से रिपोर्ट भेजने के लिए तैयार की गई थी। वह किस कारण से नहीं पहुंची है, इसका पता कराया जाएगा।-राजकमल यादव, डीएम