रसोई गैस की तर्ज पर ही अब किसानों को सब्सिडी दी जाएगी। किसानों को दिए जाने वाले बीज, खाद, पेस्टीसाइड्स एवं कृषि यंत्रों की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में दी जाएगी।
सिर्फ उन्हीं किसानों को सब्सिडी मिल सकेगी, जिन किसानों को कृषि विभाग में आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। जिले में यह प्रक्रिया एक अक्तूबर से लागू होने जा रही है।
रसोई गैस की तर्ज पर खाद, बीज, पेस्टीसाइड्स एवं कृषि यंत्र किसानों को बाजार रेट से ही मिलेंगे। उनकी सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में दी जाएगी। किसानों के बैंक खातों को रजिस्ट्रेशन के साथ ही पंजीकृत किया जा रहा है। खाद, बीज लेने के बाद जैसे ही कंप्यूटर में एंट्री की जाएगी। सब्सिडी स्वयं ही किसानों के बैंक के खातों में पहुंच जाएगी।
सिर्फ 10 प्रतिशत किसानों की ही रजिस्ट्रेशन
एक अक्तूबर से शुरू हो रही योजना में अधिकांश किसान सब्सिडी से वंचित ही रह जाएंगे। जिले के एक लाख 20 हजार किसानों में से सिर्फ 12 हजार किसानों का ही अभी तक रजिस्ट्रेशन हो पाया है। जबकि एक लाख से अधिक किसानों का अभी पंजीकरण नहीं हो पाया है।
उधर, कृषि उप निदेशक धुरेंद्र कुमार का कहना है कि एक अक्तूबर से लागू हो रही डायरेक्ट अकाउंट में सब्सिडी दिए जाने की योजना से किसानों को लाभ होगा। इसमें कोई कम अथवा अधिक सब्सिडी नहीं काट सकेगा।