बड़ौत । देश को 2025 तक टीबी मुक्त कराने का प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने कार्य शुरू किया। टीबी मरीजों के सैंपल की जल्द से जल्द बेहतर जांच कराने के लिए राज्य क्षय रोग विभाग और भारतीय डाक ने सहमति कर ली है। जनपद में टीबी मरीजों का सैंपल लैब तक पहुंचाने का काम अब डाकघर के डाकिया करेंगे।
जनपद बागपत मेें 17 उप डाकघर है और एक प्रधान डाकघर बड़ौत है। इनमें 104 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। टीबी मरीजों के मामले में जल्द से जल्द जांच करानी होती है, क्योंकि एक टीबी मरीज अनजाने में न जाने कितने लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसके चलते भारतीय डाक विभाग से मिलकर सहमति बनी है। टीबी मरीजों की जांच कर उनके सैंपल लखनऊ या आगरा स्थित ड्रग कल्चर टेस्ट सेंटरों तक पहुंचाने का काम डाक विभाग करेगा। इससे समय की बचत और टीबी जैसी बीमारी की जद में आने से बचाया भी जा सकता है। इससे सैंपल की जांच में तेजी आएगी और जांच रिपोर्ट आते ही जल्द से जल्द उनका इलाज शुरू किया जाएगा। इससे संक्रमण का खतरा कम रहेगा। इस संबंध में प्रधान डाकघर में तैनात पोस्ट मास्टर अशोक शर्मा ने कहा सहमति के बाद अब डाक विभाग द्वारा केंद्र में सैंपल लाने व भेजने का शुरू किया। संबंधित सीएचसी और पीएचसी से सैंपल एकत्रित कर उन्हें नीले रंग के स्पेशल बैग में बागपत, आगरा, मेरठ भेजा जा रहा है, अब तक तकरीबन 70 से अधिक सैंपल प्रधान डाकघर से मेरठ, बागपत और आगरा जा चुके है।