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अब परिवार के साथ आंदोलन

Tue, 01 Aug 2017 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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समायोजन रद होने के विरोध में बागपत कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते शिक्षामित्र। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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समायोजन रद होने से खफा शिक्षा मित्रों ने कहा वह डीएम ऑफिस पर परिवार के साथ आंदोलन करेंगे। दूसरी तरफ डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने आंदोलित शिक्षा मित्रों को उनकी बात शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। शिक्षामित्रों ने कहा  उनका आंदोलन जारी रहेगा। 
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कलक्ट्रेट में पांचवें  दिन भी शिक्षा मित्रों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष राजेश पंवार ने कहा हक और अधिकार के लिए धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। परिवार भुखमरी के कगार पर है।

डीएम भवानी सिंह धरने पर शिक्षामित्रों के बीच पहुंचे। डीएम ने कहा कि उनकी समस्या को शासन तक पहुंचाया जाएगा। एलान किया  मंगलवार से बच्चों के साथ डीएम के दफ्तर के बाहर ही धरना दिया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षक संघ और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षामित्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह, कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी ने कहा वे उनके साथ हैं। राकेश यादव, विकास मलिक, राजकुमार शर्मा, प्रियंका, अरुण, बिजेंद्र, भारत, हेमंत एडवोकेट, राजेंद्र कुमार, कुशलता चौहान, कालूराम आदि मौजूद रहे।  

सम्मानित पद पर समायोजित करने की मांग
समायोजन से पहले पदोन्नति की जाए। समायोजन से पहले अंतर जनपदीय स्थानांतरण किया जाए। 30 सितंबर 2016 या 31 जुलाई 2017 की छात्र संख्या को आधार मानकर समायोजन किया जाए। जूनियर हाईस्कूल में नियुक्त अनुदेशकों के संबंध में एक सौ छात्रों की बाध्यता खत्म की जाए। समायोजित शिक्षकों को सम्मानित पद पर तत्काल समायोजित किया जाए। 

शिक्षामित्र की आंख पर चोट 
बड़ौत क्षेत्र के शिक्षा मित्र परवेंद्र अपने गांव मंगतपुर जा रहे थे। बीच रास्ते में हादसे में उनकी आंख पर चोट लग गई, इससे वह गंभीर घायल हो गए। धरने पर शिक्षामित्रों ने कहा कि इससे परिवार पर संकट के बादल हैं।  

वक्ता बोला, योगी-मोदी के पोस्टर फाड़ो 
शिक्षामित्रों के धरने के दौरान एक वक्ता ने कहा, यूपी और केंद्र सरकार का रवैया उनके प्रति ठीक नहीं है। उसने कहा कि सड़कों और सरकारी कार्यालयों में जहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के पोस्टर मिले, उन्हें फाड़कर विरोध जताया जाएगा। 
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