शिक्षक अरविंद की हत्या की वारदात का पुलिस ने दो दिन में खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में करीब 50 घंटे बाद शिक्षक के शव का अंतिम संस्कार किया।
रमाला गांव का शिक्षक अरविंद (26) मुकंदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय से 29 जुलाई को छुट्टी के बाद घर लौट रहा था। सोंटी गांव के पास अरविंद की हत्या की। गुस्साए परिजनों ने दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे भी जाम किया था। मृतक की भाभी रेखा देवी ने शिक्षक विकास और मुकंदपुर गांव के प्रधान के भाई और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों पुलिस से कह दिया था जब तक अरविंद की हत्या का खुलासा नहीं होगा, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस से शव लेने से इंकार कर दिया था। दो दिन तक शव वहां पर ही रखा रहा था। सोमवार को पुलिस अफसरों ने परिजनों को दो दिन में केस का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने दोपहर सवा बजे शव लिया। इसके बाद शव गांव में लेकर पहुंचे। गमगीन माहौल में करीब साढ़े तीन बजे शव का अंतिम संस्कार किया।
परिजन बोले, लड़ेंगे इंसाफ की लड़ाई
रमाला। जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स में सिपाही के पद पर लद्दाख में तैनात दीपक अपने भाई अरविंद की हत्या की जानकारी मिलने के बाद सोमवार को हवाई जहाज से दिल्ली होते हुए घर में पहुंचा।
उसने भाई की हत्या की वारदात के खुलासे की मांग की। दीपक ने कहा उसके भाई अरविंद को पिछले काफी समय से परेशान किया जा रहा है। पांच-छह दिन पहले ही हत्या की धमकी दी थी। उसका कहना है कि उसने ही शिक्षक विकास के साथ मिलकर भाई अरविंद की हत्या की है। वह आरोपियों को सजा दिलाएंगे।
मैंने तो स्कूल में आने के लिए बोला था
रमाला। आरोपी प्रधान के भाई ने बताया एक दिन शिक्षा विभाग के अफसरों ने स्कूल में छापामारा था। उस समय अरविंद वहां नहीं मिले थे। उनको फोन कर बुलाया था। उसने समय से आने के लिए कहा था। हत्या का आरोप गलत है।