बागपत। आयुर्वेद रत्न की डिग्री पर डॉक्टरी करने वालों के लिए बुरी खबर है। शासन ने इस डिग्री को अवैध घोषित कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर इस डिग्री पर उपचार करने वाले ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई प्रकाश में लाई जाएगी। विभाग ने सूची तैयार कर ली है।
आयुर्वेद रत्न की डिग्रीधारक आयुर्वेद के साथ-साथ यूनानी, एलोपैथी, होम्योपैथ की दवाइयों से भी उपचार कर रहे है। यानी के एक डिग्री पर डिग्री वाले डॉक्टरों का काम कर रहे है। अब ऐसे डॉक्टरों के लिए बुरी खबर है। शासन ने आयुर्वेद रत्न की डिग्री को अवैध करार कर दिया है। जिसे तत्काल प्रभाव से इन डिग्रियों को निरस्त कराए जाने के निर्देश सभी जिलो के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को दे दिए गए है। जो भी इस डिग्री पर लोगों का उपचार करता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई तो होगी ही मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
एसीएमओ डॉ. रामेश्वर दयाल ने बताया कि शासन ने आयुर्वेद रत्न की डिग्री को अवैध घोषित कर दिया है। जिसको देखते हुए जिले में अभियान चलाकर इस डिग्री पर लोगों का उपचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई प्रकाश में लाई जाएगी।
डिग्री होगी जब्त, कराई जाएगी एफआईआर
स्वास्थ्य विभाग के सहायक नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि जिले में 100 से भी अधिक आयुर्वेद रत्न की डिग्री पर चिकित्सक अपनी दुकान चला रहे है। इसके लिए टीमों का गठन कराकर इन दुकानों पर छापेमारी करते हुए कार्रवाई प्रकाश में लाई जाएगी। डिग्री को भी जब्त किया जाएगा। ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर ली गई है।