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तीन लाख से अधिक जमा करने वालों को नोटिस 

Fri, 17 Mar 2017 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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आयकर विभाग
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बागपत। नोट बंदी के बाद अपने बैंक खातों में तीन लाख रुपये से अधिक जमा करने वालों से आयकर विभाग ने जवाब मांगना शुरू कर दिया है। जिले में दस हजार से अधिक लोगों को नोटिस भेजकर रुपये का हिसाब मांगा है। बैंक खातों में जिन लोगों की ई-मेल नहीं है, उन्हें डाक से नोटिस भेजने की तैयारी है।
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नवंबर 2016 में नोट बंदी के बाद अपने बैंक खातों में रुपये जमा करने वालों पर अब आयकर विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है। जांच के पहले दौर में अपने बैंक खातों में तीन लाख रुपयों से अधिक जमा करने वालों से जवाब मांगा जाएगा। बागपत के ऐसे करीब 10 लाख से अधिक लोग हैं, जिन्होंने अपने खाते में तीन लाख रुपये से अधिक जमा किए थे। अब इन्हें नोटिस जारी कर इन  रुपयों का हिसाब मांगा है। बागपत के आयकर अधिकारी आरके नौवानी ने भी इसकी पुष्टि की है। जिन लोगों के बैंक खातों में ई-मेल अटैच है, उन्हें ई-मेल से नोटिस भेजे हैं। नोटिस मिलने के बाद लोग अब आयकर एवं टैक्स विशेषज्ञ अधिवक्ताओं से सलाह कर रहे हैं। उधर, अधिवक्ता उमेश चौहान बताते हैं कि निर्धारित सीमा से अधिक रकम जमा करने वालों को नोटिस मिले हैं। 

संदेह के आधार पर भी होगी जांच
आयकर विभाग अब जिले के उन बैंक खातों की जांच कराएगा, जिनमें भले ही धनराशि कम जमा हुई है, लेकिन यह धनराशि कहां से आई, इस पर संदेह खड़ा हो गया है। आयकर अधिकारी आरके नौवानी बताते हैं कि इन लोगों को ई-मेल से ही अपनी धनराशि का हिसाब देना होगा, उन्हें दफ्तर आने की जरूरत ही नहीं है।
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करोड़ों जमा करने वाले भी रड़ार पर
आयकर विभाग के रडार पर वह व्यापारी भी हैं, जिन्होंने अपने खातों में करोड़ों रुपये जमा किए। विभाग ने उनकी ओर से दिए जाने वाले टैक्स का मिलान शुरू कर दिया है। इन्हें कैटेगरी में बांटा गया है। इनसे पूछा जा रहा है करोड़ों रुपये की धनराशि उनके पास कहां से आई।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
व्यापारियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ पाने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया। नौवानी बताते हैं इसके लिए मेरठ में मीटिंग बुलाई । इस संबंध में व्यापारियों और वकीलों से भी मंत्रणा हो चुकी है।
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