अपराध नहीं..., तालीम ने दी जिले को सुनहरी पहचान
बागपत। ताबड़तोड़ अपराध। खून-खराबा। बात-बेबात के झगड़े.... बस अब तक इन्हीं वजहों से लखनऊ और दिल्ली तक चर्चा में रहता था जिला बागपत। लेकिन जान लीजिए अब पहचान बदल गई है। मेधावियों ने संकल्प और कठोर मेहनत से लखनऊ और दिल्ली को बताया है कि जिले में शिक्षा का कमल खिल गया है। यूपी बोर्ड के नतीजों में मेधा का जो डंका बजा है, उसकी गूंज सालों तक रहेगी। इंटरमीडिएट में अनुराग मलिक और गरिमा कौशिक ने बताया कि अगर संकल्प मजबूत हो तो कोई मंजिल मुश्किल नहीं होती। इसी तरह हाईस्कूल में रिया जैन और उज्ज्वल तोमर ने बताया कि उनकी उम्र कम जरूर है, लेकिन जिले की पहचान बदलने का दम रखते हैं।
तनु और युवराज ने बन गए आइडल
श्रीराम इंटर कॉलेज बड़ौत के मेधावियों ने बता दिया कि पिछले साल उनके सीनियरों को कामयाबी यूं ही नहीं मिली थी। बायो वर्ग में प्रदेश की टॉपर तनु तोमर ने कामयाबी का रास्ता दिखाया तो इस बार अनुराग मलिक और गरिमा कौशिक ने जिले के दावे को अधिक मजबूत किया। यही हाल दसवीं में रहा। पिछले साल की सफलता को बरकरार रखना आसान नहीं था, लेकिन मेधावियों ने कर दिखाया।
बजरंगी की हत्या से झेली बदनामी
जिला कारागार में पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या से जिले की खूब बदनामी हुई। वारदात में कुख्यात सुनील राठी को नामजद किया गया। प्रकरण की सीबीआई जांच चल रही है। इस वारदात से देशभर में जिले की पहचान खराब हुई।
भूरा फरारी केस ने बदनाम किया जिला
उत्तराखंड के अपराधी मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव निवासी अमित भूरा को बागपत में ही पुलिस कस्टडी से छुड़ा लिया गया था। इस केस से भी जिले की खूब बदनामी हुई थी।
इन गांव ने बख्शी हैं खुशियां
कंडेरा गांव ने जिले को खूब सैनिक दिए हैं। यहां की बेटी रिचा तोमर आईपीएस हैं। गांव का डंका अमेरिका तक बजता है। बावली और ढिकौली गांव के भी सैनिकों की खूब संख्या है।