अमर उजाला अभियान :
- कूड़े ने बिगाड़ दी शहर की सूरत, कम पड़ गए निस्तारण के इंतजाम
बड़ौत (बागपत)। सड़कों पर फेंके जा रहे कूड़े से नगर की सूरत गिड़ गई है। नगर से प्रतिदिन निकलने वाले 50 मीट्रिक टन कूड़े को सड़कों पर डाला जाता है। इसी वजह से सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कूड़े से नगर की नालियां भी चोक हैं। गंदगी के कारण सांस लेना भी दूभर है। स्वच्छता अभियान को पलीता लगाया जा रहा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नगर की आबादी 103764 लाख है। पालिका के पास फिलहाल कोई डंपिंग स्थान नहीं है। जहां पर कूड़े को डालकर निस्तारण की व्यवस्था की जा सके। औद्योगिक पुलिस चौकी के पास कूड़ा डाला जा रहा है।
सिर्फ 53 स्थायी कर्मचारी
बड़ौत। वर्ष 2007 के बाद स्थायी सफाई कर्मचारियों की नियुक्त पर रोक लगने के कारण फिलहाल नगरपालिका के 53 स्थायी सफाई, 38 संविदा कर्मचारी और 170 आउट सोर्स सफाई कर्मचारी है। इनके भरोसो शहर की सफाई है।
इन जगहों पर कूड़े की समस्या
बड़ौत। नगर में गांधी रोड पर मैनावती अस्पताल के पास, नेहरू रोड पर ट्रांसफार्मर के पास, वीर स्मारक इंटर कॉलेज के पास, बड़का रोड़ समेत अन्य कई जगहों पर पिछले कई साल से कूड़ा डाला जा रहा है। मैनावती अस्पताल के पास भी गंदगी के ढेर हैं। इस मार्ग पर तीन-चार अस्पताल हैं और प्रतिदिन सैंकड़ों मरीज इन अस्पतालों में आते है।कूड़ा निस्तारण की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन निस्तारण नहीं हो सका है।
ये बोले नागरिक
- विकास का कहना है कि वर्षों से कूड़ा यहां पर डाला जा रहा है। कूडे़ की बदबू में सांस लेना भी दूभर है। शिकायत करने के बाद भी निस्तारण नहीं हुआ।
- राजेंद्र का कहना है कि पालिका प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन को ठेंगा दिखा दिया है। जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती हैं।
- अंकित तोमर का कहना है कि कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका प्रशासन के साथ साथ डीएम से भी शिकायत की थी। लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है।
- सुभाष का कहना है कि सड़कों पर पड़ने वाली गंदगी से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ रहा है। शहर को साफ करने की बजाय गंदा किया जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीएम व ईओ दुर्गेश मिश्र का कहना है कि कूड़ा निस्तारण की समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। भूमि की तलाश हो रही है। --------