बागपत के विद्युत उपकेंद्र पर फाल्ट ठीक करते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बिजलीघर पर रखे ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी के चलते शहर की आपूर्ति आठ घंटे प्रभावित रही। उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति नहीं होने से मरीज परेशान हुए। शिकायत की गई तो यहां जनरेटर चलाया गया। बिजलीघर से जुड़े देहात क्षेत्र में भी आपूर्ति बाधित रही। आपूर्ति शुरू कर दी गई, लेकिन देर रात पूरी तरह ट्रांसफार्मर पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है।
शहर के मेरठ रोड स्थित 132 केवीए के बिजलीघर में बृहस्पतिवार को एक ट्रांसफार्मर में सुबह करीब 10 बजे खराबी आ गई। इससे शहर के अधिकतर हिस्से की विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। ऊर्जा निगम की ट्रांसमिशन की टीम पहुंची और ट्रांसफार्मर में आई तकनीकि खराबी ठीक करने में जुट गई। टीम देर रात तक खराबी ठीक करने में जुटी रही।
शाम सात बजे आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन अभी तक व्यवस्था पूरी तरह से बहाल नहीं हुई है। इस कारण करीब नौ घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली नहीं आने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शहर में पानी की सप्लाई बाधित हुई। जिससे कई मोहल्लों के लोग परेशान हो गए। जिला चिकित्सालय की बत्ती गुल होने की वजह से यहां मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ी। मरीजों की शिकायत के बाद यहां जनरेटर से आपूर्ति कराई गई।
उधर, एक्सईएन राजवीर सिंह का कहना है कि ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। अभी ट्रांसफार्मर पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है। आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास चल रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ बीएल कुशवाहा का कहना है कि आपूर्ति बाधित रही, जिससे परेशानी हुई।
पशुआें के चारे की समस्या, पानी नहीं मिला ः बागपत। ट्रांसफार्मर में तकनीकी खामी की वजह से शहर में पानी की आपूर्ति बाधित रही। इनवर्टर डाउन हो गए। उधर, चारे की मशीनें नहीं चल सकी। ट्योढ़ी बिजलीघर से जुड़े फैजपुर निनाना, बिहारीपुर, सरूरपुर कलां गांव के लोग भी परेशान रहे।