गांव के प्रधान शब्बीर, पूर्व प्रधान रईस, शौकीन, महमूद, फारुख, शाहिद आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में आबादी से सटे दो कब्रिस्तान में तीन दिन पहले लोगों ने चार कब्रें उखड़ी हुईं देखी। इसकी जानकारी उन्होंने गांव में आकर दी तो लोग मौके पर पहुंचें। दोनों कब्रिस्तान से चार-पांच कब्रें उखड़ी हुईं थीं, जिनमें शवों के कुछ अवशेष गायब थे।
ग्रामीणों ने बताया कि पैरों की ओर से कब्रों को उखाड़ा गया था और सिर के अवशेष गायब किए गए थे। ग्रामीणों ने सभी कब्रों को मिट्टी से ढक दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी सूचना बोहला पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों को दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने बताया कि एक कब्रिस्तान से अनस पुत्र अबास, मसूद पत्नी महबूब, जुबैदा पत्नी निजामु व मल्लाहों के कब्रिस्तान में छह कब्र खोदी गईं। दो तीन के सिर गायब है। पुलिस केवल किसी जानवर के द्वारा कर उखाड़े जाने की बात कर रही है, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि कब्रों को पूरी तरह से उखाड़कर पहले बाहर निकल गया फिर उनके शवों से सिर गायब किए गए।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने निर्णय किया कि दोनों कब्रिस्तान में पहरा लगाया जाए। उसके बाद गांव के लोग रात के समय कब्रिस्तान में पहरा दे रहे हैं ताकि दोबारा कोई कब्रों के साथ छेड़छाड़ न कर सके।
वहीं, बृहस्पतिवार की रात में काफी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर कब्रिस्तान में पहरा दे रहे थे, जिसकी सूचना के बाद बोहला पुलिस चौकी पर तैनात दारोगा और पुलिसकर्मी कब्रिस्तान पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली।
इंस्पेक्टर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बात की जानकारी मिली है। यह हो सकता है कि किसी जानवर में कब्र उखाड़ दी हो। इस घटना की जांच की जा रही है। गांव के लोगों से बातचीत की गई है।