बागपत। किसानों को पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों से खाद वितरण में परेशानी खड़ी हो रही है। शासन का आदेश है कि बिना पीओएस मशीन के किसी भी किसान को खाद न दिया जाए। मगर, मशीनों से नेटवर्क गायब हो जाने और बार-बार री-सेट मांगने से वितरण गड़बड़ा रहा है। किसानों को खाद लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और तस्करी पर नियंत्रण करने के लिए पीओएस मशीनों से खाद वितरण की पहल की गई है। किसान इन दिनों गेहूं की बुवाई में व्यस्त है। इसलिए दुकानों और समितियों से यूरिया और अन्य खाद उठा रहे हैं। लेकिन देहात क्षेत्र में कमजोर नेटवर्क परेशानी का कारण बना हुआ है। नेटवर्क कमजोर होने से किसानों को खाद लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। पीओएस मशीनों का सर्वर डाउन हो जाता है, कई बार किसानों को अगले दिन आकर खाद लेनी पड़ती है। मशीन कई बार खुद ही री-सेट मांगती है, जिससे समस्या बढ़ रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि व्यवस्था सही है, लेकिन कई बार किसानों को एक या दो दिन तक भी इंतजार करना पड़ता है।
एआर कोआपरेटिव देवेेंद्र कुमार का कहना है कि अगर कहीं समस्या है तो उसका समाधान कराया जाएगा। किसानों की सहूलियत के लिए ही पीओएस मशीनों की व्यवस्था की गई है।
36 समितियों पर खाद वितरण
बागपत। एआर कोआपरेटिव देवेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में खाद वितरण की व्यवस्था 36 समितियों पर हैं। प्रत्येक समिति पर पीओएस मशीन उपलब्ध कराई गई है।
किसानों का पहचान पत्र अनिवार्य
बागपत। एआर कोआपरेटिव देवेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों को खाद लेने से पहले पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। इसमें किसान जोत बही, वोटर आईडी, बैंक पास बुक और अन्य कोई पहचान पत्र भी दिखा सकता है।