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बाजार खुलते ही उमड़ पड़ी भीड़, मरीजों की संख्या बढ़ी तो फिर लगेगा कोरोना कर्फ्यू
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। जिले में 32 दिन की बंदी के बाद मंगलवार को शहर की दुकानें खुलते ही भीड़ उमड़ पड़ी। कोरोना संक्रमण से बेखबर लोग दुकानों पर खरीदारी करने के लिए धक्का मुक्की करते रहे। शासन के रोक बावजूद शहर के कुछ मॉल में भी दुकानें खुली। अफसरों ने भी इसे अनदेखा कर दिया। फिलहाल दुकानें खुलने से अति उत्साह में रहने वाले लोगों के लिए लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर संक्रमितों की संख्या 600 के पार होती है, तो एक बार फिर जिले में बंदिशें लग सकती हैं।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अप्रैल में पहले शनिवार व रविवार और बाद में शुक्रवार की शाम से सोमवार की सुबह तक तक साप्ताहिक कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया था। मतदान के बाद 30 अप्रैल से तीन मई तक आंशिक कोरोना कर्फ्यू किया गया। लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को दिखते हुए शासन ने तीन मई से 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू को बढ़ा दिया। बाद में भी इसे दो बार आगे बढ़ाकर 31 मई तक किया गया था। मंगलवार को बाजार खुलने पर स्थानीय लोगों के घर से बाहर निकलने पर सड़कों पर रौनक बढ़ गई। दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ देख दुकानदार भी उत्साहित दिखे। मंगलवार को बड़ौत नगर की बिनौली रोड, अग्रसैन मूर्ति, खत्री गढ़ी चौराहा, संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, फूंसवाली मस्जिद, घट्टा बाजार, कोताना रोड, बड़ौली रोड, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे सहित अन्य सभी मार्गों के किनारे खुली दुकानों की भीड़ रही। उधर, खेकड़ा में कोरोना कर्फ्यू में छूट मिलते ही मंगलवार को खेकड़ा के बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में भीड़ होने पर पुलिस ने लोगों को कोविड नियमों का पाठ पढ़ाया। काफी लोगों के चालान काटे।
कई बार लगा जाम
बड़ौत शहर के खत्री गढी चौराहे, फूंसवाली मस्जिद, अग्रसैन मूर्ति, बिजरौल रोड समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर रूक-रूक कर दिन भर जाम लगता रहा है। हालांकि पहले से अलर्ट कोतवाली पुलिस और यातायात पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सड़कों पर लगे जाम को हटाते रहे। इसके चलते जाम में फंसे लोगों को अधिक परेशानी नही उठानी पड़ी।
ये बोले दुकानदार
व्यापारी नेता ललित जैन व अंकुर जैन ने बताया कि एक माह बाद दुकान खुलने की अनुमति मिलने से राहत की सांस ली है, लेकिन दुकानदारों व गोदामों के अंदर रखे सामान को चूहों ने भी काफी हद तक खराब किया है। लेकिन फिर भी राहत महसूस कर रहे है। उम्मीद है कि जितना नुकसान हुआ है, जल्द ही वह पूरा हो जाएगा।
दीपक गुप्ता व नवीन का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के चलते आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा था। परिवार का खर्च चलना भी मुश्किल हो रहा है, अब दुकानें खुली है तो थोड़ी राहत महसूस कर रहे है।