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सरसों के तेल में महंगाई का तड़का

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- रिफाइंड, घी, दालें भी हुई महंगी, 20 रुपये तक भाव बढ़े
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- कोरोना संकट के बीच बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। लोग महामारी को लेकर काफी परेशान है। इस बीच बढ़ती महंगाई ने लोगों को चिंता में डाल रखा हैै। सरसों का तेल महंगाई की आग में खौल रहा है। रिफाइंड, घी, चना, दाल आदि भी महंगाई से अछूते नहीं बचे हैं। इनकी कीमतों में तेजी से उछाल आया है। इससे घर का बजट बिगड़ रहा है।
दिल्ली में लगे एक सप्ताह के लॉकडाउन और प्रदेश में लगाए गए दो दिन के साप्ताहिक लॉकडाउन एवं रात्रि कर्फ्यू का असर जिले में भी नजर आने लगा है। इन राज्यों से आने वाले खाद्य पदार्थों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे कीमतों में तेजी आने लगी है। लगातार दाम बढ़ते जा रहे हैं। सबसे अधिक तेजी सरसों के तेल पर आई है। एक पखवाड़े में इनकी कीमतें 45 रुपये किलोग्राम तक बढ़ चुकी है। जबकि रिफाइंड, घी 20 रुपये एवं दालों की कीमतों में 20 रुपये किलो तक का उछाल आ चुका है। आने वाले दिनों में कीमतों और भी तेजी आने की संभावना से कारोबारी इनकार नहीं कर रहे। इससे लोगों का घरेलू बजट लगातार प्रभावित हो रहा है।
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खाद्य पदार्थ की कीमतों के भाव प्रति किलो
खाद्य पदार्थ वर्तमान भाव एक पखवाड़े पूर्व भाव
सरसों का तेल 165 120
काबुली चना 100 से 110 70 से 80
रिफाइंड 130 से 160 115 से 135
घी 145 120
दाल अरहर 90 से 120 70 से 100
चना 80 60
दाल उड़द 100 से 110 80 से 90
ये बोले गृहिणियां ........
रूबी चौधरी का कहना है कि कोरोना संकट को एक साल का समय हो चुका है। एक साल में लोगों की आय पर काफी असर पड़ा है। इसके विपरीत खाद्य पदार्थों में काफी तेजी आ चुकी है। इससे घरेलू बजट लगातार प्रभावित हो रहा है
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मीनाक्षी जैन का कहना है कि बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। महंगाई के चलते आम आदमी काफी परेशान है। सरकार को खाद्य पदार्थों की कीमतों पर अंकुुुश को कदम उठाने चाहिए।
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