Baghpat News: बागपत के सिंगौली तगा गांव से 25 जुलाई से लापता दिव्यांग अंकित प्रजापति और इसरार के शव लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर परिसर में गड्ढे में दफन मिले। साधु ने अपने दो साथियों और एक नाबालिग के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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अंकित और इसरार के फाइल फोटो। वह गड्ढा जिसमें से शव निकाले। फरार साधु नरेशनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
सिंगौली तगा के दिव्यांग अंकित प्रजापति (28) और उसके दोस्त इसरार (30) को साधु नरेशनाथ ने अपने दो शिष्यों और एक नाबालिग के साथ मिलकर जहर का इंजेक्शन लगाया। उसके बाद लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर जिंदा दफन कर दिया। दोनों के शव जहां दबे हुए थे, उसके ऊपर ही धूनी जमाने के बाद साधु 14 दिन तक बैठकर पूजा करता रहा।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने हत्यारोपी उज्ज्वल निवासी पूरनपुर नवादा को मंदिर के पास से गिरफ्तार किया तो उसने पूरी घटना का खुलासा किया। उज्जवल की निशानदेही पर ही पुलिस ने मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार तड़के ढाई बजे चार फीट गहरे गड्ढे की खोदाई कर दोनों के शव निकाले। शव काफी दिन से दबे होने के कारण क्षत-विक्षप्त हो चुके थे और कई जगह से कंकाल की तरह हड्डियां दिखने लगी थी।
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जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना में शामिल दूसरे आरोपी कृष्णा निवासी धुम्मा भुलंदी जिला जौनपुर को बृहस्पतिवार को घर से गिरफ्तार करके देर रात तक यहां लाया गया। वहीं साधु नरेशनाथ निवासी कुंडेश्वरी जिला ऊधमसिंह नगर 8 अगस्त को मंदिर से गायब हो गया था। उसकी व नाबालिग की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगी हुई हैं। शव क्षत-विक्षप्त होने के कारण गाजियाबाद से फोरेंसिक एक्सपर्ट बुलवाकर पोस्टमार्टम शुक्रवार को कराए जाएंगे।
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मौके पर एकत्र लोग।
- फोटो : अमर उजाला
सिंगौली तगा गांव की भावना ने बताया कि उसका दिव्यांग भाई अंकित प्रजापति अपने दोस्त पेंटर इसरार के साथ 25 जुलाई को रटौल घूमकर आने की बात कहकर बाइक से निकला था। वापस नहीं आने पर काफी तलाशने के बाद 27 जुलाई को चांदीनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने 29 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर जांच की तो उसकी लोकेशन लहचौड़ा गांव के श्रीगणेश मंदिर के आसपास मिली।
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जांच करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार साधु नरेशनाथ के शिष्य उज्ज्वल को बुधवार देर शाम हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने पूछताछ में बताया कि अंकित के परिवार की लड़की के साथ साधु नरेशनाथ के अनैतिक संबंध थे, जिसका पता चलने पर अंकित विरोध करने लगा। अंकित अपने दोस्त इसरार के साथ 25 जुलाई को बाइक पर मंदिर में आया, लेकिन वहां साधु नहीं मिला तो दोनों चले गए। इसके कुछ देर बाद साधु नरेशनाथ वहां आ गया, जिसने फोन करके दोनों को मंदिर परिसर में बुला लिया।
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गमजदा परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
उस समय मंदिर परिसर में साधु, दूसरा शिष्य कृष्ण यादव और एक नाबालिग युवक बैठे हुए थे। साधु ने दोनों से बातचीत कर चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दीं, जिससे दोनों बेहोश हो गए। इसके बाद साधु ने दोनों को जहर के इंजेक्शन लगाए और लहचौड़ा गांव के युवक से फावड़ा मंगवाकर मंदिर परिसर में गड्ढे की खोदाई कर दोनों को जिंदा दफन कर दिया। इसरार की बाइक मवीकलां-सांकरौद गांव के पास यमुना नदी और मोबाइल पूर्वी यमुना नहर में फेंक दिए।
पुलिस ने दो बार पकड़ा, अंकित की बहन ने छुड़वाया
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार पुलिस ने साधु से दो बार पूछताछ की, लेकिन अंकित की बहन व अन्य ने परिवार का सदस्य बताते हुए उसकी भूमिका नहीं होने की बात कहकर छुड़वा दिया था। इसके बाद दोबारा उसे थाने बुलाया गया तो फिर उसे छुड़वा दिया गया। इसके बाद साधु मंदिर से फरार हो गया।