नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में कार्यकारी अधिशासी अधिकारी योगेश प्रकाश गुप्ता को हटाने का प्रस्ताव पास कर दिया। उन पर एजेंडा भेजे जाने एवं बैठक की तारीख दिए जाने के बावजूद उपस्थित नहीं होने, शहर की सफाई, अतिक्रमण एवं अन्य अव्यवस्थाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
साथ ही पूर्व ईओ सुनील कुमार के बेटे सिद्धार्थ सिंह का ठेका लाइसेंस निरस्त किए जाने का भी प्रस्ताव पास किया गया है। सोमवार को नगर पालिका सभागार में 24 सभासदों की उपस्थिति में हुई बोर्ड बैठक में अधिशासी अभियंता योगेश प्रकाश गुप्ता पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा हुआ।
सभासदों ने आरोप लगाया कि ईओ ने ही एजेंडा जारी किया। कई बार तारीख हटाने के बाद 30 नवंबर की तारीख ईओ द्वारा स्वयं ही तय की गई। फिर भी बोर्ड बैठक में नहीं पहुंचे। पूरा शहर समस्याओं से घिरा हुआ है। ईओ ने एक बार भी शहर में घूमकर समस्याओं की जानकारी नहीं की और न ही निराकरण किया।
चेयरमैन की संस्तुति पर पूरे बोर्ड ने एकमत से ईओ को हटाने का प्रस्ताव पास कर दिया। बोर्ड के प्रस्ताव को शीघ्र ही डीएम को भी भेज दिया जाएगा। उनके स्थान पर कर अधिकारी विपिन उपाध्याय को प्रशासनिक प्रभार सौंपने का प्रस्ताव पास कर दिया।
बोर्ड बैठक में पूर्व अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार सिंह के बेटे सिद्धार्थ सिंह पर मानक के अनुरूप निर्माण न कराए जाने पर ठेकेदारी का लाइसेंस निरस्त किए जाने का प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में सभासद संजय रुहेला, भुरु सभासद, राजीव कौशिक, बोबी यादव, शफीक सलमानी, बब्बू सिद्दीकी, साक्षी, अहसान, अकरम, इरशाद, कुसुम शर्मा, मसूमन, नरेंद्र राणा, राशिद, सुशील चौहान, संतोष, सुशील, महेश शर्मा मौजूद रहे।
इस मामले में ईओ योगेश प्रकाश गुप्ता का कहना है कि उनकी ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। जिस कारण वह बोर्ड बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।